वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई
डाक टिकटों पर मध्यप्रदेश की महिला विभूतियाँ

वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई

16 नवम्बर 1835 को जन्मी महारानी लक्ष्मीबाई ने मात्र 22 वर्ष की उम्र में 1857 के गदर में अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिये थे...

कौन थी गन्ना बेगम जो सेना में मर्दों के भेस  में रहती थी
मध्यप्रदेश के इतिहास में महिलाएं

कौन थी गन्ना बेगम जो सेना में मर्दों के भेस में रहती थी

गन्ना एक रूपवती और गुणवान युवती थी, उसके पिता अब्दुल कुली ख़ान ईरान के शाही परिवार से ताल्लुक रखते थे।

वीरांगना रानी दुर्गावती
डाक टिकटों पर मध्यप्रदेश की महिला विभूतियाँ

वीरांगना रानी दुर्गावती

वीरांगना रानी दुर्गावती, रथ और महोबा के चंदेलवंशी राजा शालीवाहन की पुत्री थीं । उनका विवाह गोंडवाना राज्य के शासक दलपत श...

भीमाबाई जिनके युद्ध कौशल से अंग्रेज भी थे हैरान
स्वतंत्रता संग्राम में मप्र की महिलाएं

भीमाबाई जिनके युद्ध कौशल से अंग्रेज भी थे हैरान

भीमा बाई की संघर्ष गाथा समझने के लिए होलकर वंश की पृष्ठभूमि समझना आवश्यक है। इस वंश की स्थापना मल्हारराव होलकर (प्रथम) न...

दास्ताँ भोपाल की अंतिम गोंड शासक रानी कमलापति की
मध्यप्रदेश के इतिहास में महिलाएं

दास्ताँ भोपाल की अंतिम गोंड शासक रानी कमलापति की

सन 1705 में गोंड राजा निज़ाम शाह ने विवाह के बाद भोपाल रानी कमलापति को दिया। वह बचपन से ही बुद्धिमान और साहसी थीं। शिक्ष...

कलम और सुई-धागे को एक साथ साधती दीप्ति कुशवाहा
ज़िन्दगीनामा

कलम और सुई-धागे को एक साथ साधती दीप्ति कुशवाहा

माँ की चित्रकला ने दीप्ति के भीतर लोककलाओं के प्रति प्रेम जगाया, दीप्ति ने कढ़ाई की तकनीक भीउनसे ही सीखी। साहित्यिक-सांस्...

प्रियंका दुबे :   जिन्हें खोजी पत्रकारिता ने दिलाई अंतर्राष्ट्रीय पहचान
ज़िन्दगीनामा

प्रियंका दुबे :   जिन्हें खोजी पत्रकारिता ने दिलाई अंतर्राष्ट्रीय पहचान

प्रियंका खोजी पत्रकार और द्विभाषी लेखिका हैं, जो मानवाधिकार, महिलाओं और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रभावशाल...

शांता भूरिया :  पिटोल  से पेरिस तक का
ज़िन्दगीनामा

शांता भूरिया :  पिटोल  से पेरिस तक का सफर तय करने वाली पिथौरा चित्रकार

आर्थिक कठिनाइयों के बीच फिर से शुरू हुई चित्रकला, प्रदर्शनियों से मिली पहचान

डॉ. नीलिमा शर्मा : संगीत और अभिनय से रची नई पहचान 
ज़िन्दगीनामा

डॉ. नीलिमा शर्मा : संगीत और अभिनय से रची नई पहचान 

लंबे विराम के बाद पुनः रियाज़ आरंभ करना सहज नहीं था, किंतु कठोर साधना, आत्मसंघर्ष और दृढ़ संकल्प के साथ उन्होंने उपशास्त...

उर्दू की बेशकीमती नगीना है
ज़िन्दगीनामा

उर्दू की बेशकीमती नगीना है डॉ. रज़िया हामिद 

डॉ. रज़िया की ज्यादातर किताबें उर्दू भाषा में लिखी गयीं हैं, कुछ-कुछ किताबें हिन्दी और उर्दू दोनों भाषाओँ में छपी हैं।

वर्षा कुशवाहा चौहान - उम्र पीछे छोड़ हौसले से जीता सम्मान 
ज़िन्दगीनामा

वर्षा कुशवाहा चौहान - उम्र पीछे छोड़ हौसले से जीता सम्मान 

वर्ष 2016 उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ, जब उनके पति की पोस्टिंग दिल्ली हुई। एक विज्ञापन देखने के बाद उन्होंने म...

संतोष चौहान : पैरों से लिखकर रची सफलता की कहानी
न्यूज़

संतोष चौहान : पैरों से लिखकर रची सफलता की कहानी

करंट ने जब छीन ली हाथों की जान, पांव ने पकड़ी कलम और दी पहचान, https://hindi.news18.com/news/madhya-pradesh/rajgarh-san...

पावनि वीमेन साइकिलिंग ग्रुप : फिटनेस को बढ़ावा
न्यूज़

पावनि वीमेन साइकिलिंग ग्रुप : फिटनेस को बढ़ावा देने साप्ताहिक साइकिलिंग की पहल

महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के उद्देश्य से शुरू हुआ ग्रुप

गोल्डन लीफ कम्पोस्ट : सूखे पत्ते बनेंगे हरियाली की ताकत
न्यूज़

गोल्डन लीफ कम्पोस्ट : सूखे पत्ते बनेंगे हरियाली की ताकत

भोपाल के लगभग 100 स्थानों पर लीफ कम्पोस्टिंग यूनिट लगाने का है लक्ष्य. गोल्डन कम्पोस्ट से फिर से हरी-भरी होगी धरती

IoT आधारित सोलर बायोगैस प्लांट : डॉ. मेघना दुबे का डिज़ाइन पेटेंट
न्यूज़

IoT आधारित सोलर बायोगैस प्लांट : डॉ. मेघना दुबे का डिज़ाइन पेटेंट

घर के कचरे से बनेगी गैस, LPG पर निर्भरता घटाएगा IoT आधारित सोलर बायोगैस प्लांट

जेवर गिरवी रख गांव की बेटियों को दिया फुटबॉल का मंच
व्यूज़

जेवर गिरवी रख गांव की बेटियों को दिया फुटबॉल का मंच

 आर्थिक तंगी के बावजूद नहीं मानी हार, 12 लाख के कर्ज से खड़ी की टीम, 3. इंडियन वीमेंस लीग में मप्र को दिलाया तीसरा स्थान

शादी के बाद महिला की 'ना' को क्यों नहीं सुन पाती हैं अदालतें 
विमर्श वीथी

शादी के बाद महिला की 'ना' को क्यों नहीं सुन पाती हैं अदालतें 

अदालत ने यह स्पष्ट किया कि वैध विवाह के भीतर पति-पत्नी के बीच यौन संबंधों में 'सहमति' का प्रश्न कानूनी रूप से अप्रासंगिक...

शादीशुदा पुरुषों के लिव-इन वाले फैसले पर कोर्ट
विमर्श वीथी

शादीशुदा पुरुषों के लिव-इन वाले फैसले पर कोर्ट का यू-टर्न! दो अलग मामलों को लेकर उठे सवाल

दोनों फैसलों ने अलग-अलग व्याख्याएं सामने रखीं, जो अब चर्चा का केंद्र बन चुकी हैं।

स्त्री अस्मिता की यात्रा
विमर्श वीथी

स्त्री अस्मिता की यात्रा

अंततः स्त्री होने का अर्थ किसी सीमा या बंधन में बँधना नहीं, बल्कि अपने भीतर निहित संभावनाओं को पहचानना एवं उन्हें साकार...

नीला ड्रम, स्टोव बनाम स्त्री विमर्श
विमर्श वीथी

नीला ड्रम, स्टोव बनाम स्त्री विमर्श

इन सारी घटनाओं में पीड़ित कौन है, इसका पता कितना सत्य है और असल में तो जांच के बाद ही चलेगा। लेकिन इतना तय है कि विवाह स...

महिला ही क्यों हो रसोई की रानी, 'पुरुष महाराज' क्यों नहीं?
विमर्श वीथी

महिला ही क्यों हो रसोई की रानी, 'पुरुष महाराज' क्यों नहीं?

इस दौर में भी आखिर क्यों मछली जल की रानी है की तर्ज पर एक महिला को किचन की रानी बना दिया गया है, पुरुष क्यों नहीं 'रसोई...

मप्र में बाल विवाह की स्थिति और लाडो अभियान
विमर्श वीथी

मप्र में बाल विवाह की स्थिति और लाडो अभियान

मुख्य उद्देश्य -जनसमुदाय की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव के साथ बाल विवाह जैसी कुरीति को सामुदायिक सहभागिता से समाप्त कर...

दिल्ली हाईकोर्ट : पासपोर्ट बनवाने के लिए पिता का नाम जरूरी नहीं
अदालती फैसले

दिल्ली हाईकोर्ट : पासपोर्ट बनवाने के लिए पिता का नाम जरूरी नहीं

दिल्ली हाईकोर्ट : पासपोर्ट बनवाने के लिए पिता का नाम जरूरी नहीं

सुप्रीम कोर्ट : शादी से पहले फिजिकल रिलेशन समझ से परे
अदालती फैसले

सुप्रीम कोर्ट : शादी से पहले फिजिकल रिलेशन समझ से परे

जब तक शादी नहीं, तब तक लड़का-लड़की अजनबी.  किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए

हिमाचल हाईकोर्ट : पहले विवाह के बेबुनियाद आरोप से नहीं
अदालती फैसले

हिमाचल हाईकोर्ट : पहले विवाह के बेबुनियाद आरोप से नहीं रुकेगा हक, पत्नी को भरण-पोषण का अधिकार

ट्रायल कोर्ट ने यह कहते हुए शिकायत खारिज कर दी थी कि महिला का पहले से विवाह था और वह विवाह समाप्त हुए बिना दूसरा विवाह क...

इलाहाबाद हाईकोर्ट : जब कपल खुश, तो
अदालती फैसले

इलाहाबाद हाईकोर्ट : जब कपल खुश, तो केस चलाना वक्त की बर्बादी

POCSO और रेप केस में बड़ी राहत- हाईकोर्ट ने कहा कि शादी कर साथ रह रहे जोड़े पर POCSO और दुष्कर्म केस जारी रखना उचित नहीं

मप्र हाईकोर्ट : महिला गेस्ट फैकल्टी को मिलेगा मातृत्व अवकाश
अदालती फैसले

मप्र हाईकोर्ट : महिला गेस्ट फैकल्टी को मिलेगा मातृत्व अवकाश

80 दिन नियम पर हाई कोर्ट सख्त, प्रेग्नेंट महिलाओं को मिलेगा पूरा हक,राज्य नहीं टाल सकता जिम्मेदारी

सुप्रीम कोर्ट : कोई भी महिला तीन दिनों
अदालती फैसले

सुप्रीम कोर्ट : कोई भी महिला तीन दिनों के लिए अछूत नहीं मानी जा सकती

सबरीमाला मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी वी नागरत्ना ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि किसी...