भोपाल की नुपूर ने अर्बन डिजाइन में

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भोपाल की नुपूर ने अर्बन डिजाइन में
भारतीय पहचान को दी वैश्विक पहचान

छाया : नुपुर सरन के फेसबुक अकाउंट से 

भोपाल के सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल की कक्षाओं से निकलकर भूटान के सबसे संवेदनशील और प्रतिष्ठित शहरी प्रोजेक्ट्स तक पहुंचने वाली नुपूर सरन साबू की यात्रा इस बात की मिसाल है कि शिक्षा, स्पष्ट दृष्टि और सार्वजनिक उद्देश्य मिलकर शहरी नियोजन को केवल नक्शों तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उसे राष्ट्रीय पहचान गढ़ने का माध्यम बना देते हैं। नुपूर वर्तमान में Radical Infraventures Private Limited की डायरेक्टर हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहरी नियोजन में भारत की पहचान को मजबूत कर रही हैं।

एसपीए दिल्ली से पेशेवर उड़ान 

नुपूर ने स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, दिल्ली (SPA) से अर्बन डिजाइन में शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 2008-09 से उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। शुरुआती वर्षों में उन्होंने Reliance SEZ, Delhi-Mumbai Industrial Corridor और इंदौर सहित कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर अर्बन डिजाइनर के रूप में कार्य किया। इन अनुभवों ने उन्हें महत्वाकांक्षी शहरी कल्पनाओं को व्यवहारिक, टिकाऊ और प्रभावी योजनाओं में बदलने की गहरी समझ दी।

राष्ट्रीय पहचान से जुड़ा संवेदनशील प्रोजेक्ट 

वर्तमान में नुपूर का प्रमुख फोकस भूटान के महत्वपूर्ण शहर Paro के लोकल एरिया प्लान (LAP) पर है। पारो वह शहर है जहां देश का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा स्थित है और यह राष्ट्रीय छवि का प्रतीक माना जाता है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत एयरपोर्ट के आसपास एरिया प्लानिंग, शहर की दृश्य पहचान को सुदृढ़ करना और राष्ट्रीय चरित्र को मजबूत करने की रणनीति तैयार की जा रही है। मोबिलिटी, पब्लिक स्पेस और अनुभव-आधारित विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 

नुपूर सीधे मिनिस्ट्री ऑफ इंफ्रास्ट्रक्बर एंड ट्रांसपोर्ट के साथ समन्वय करती हैं और नियमित रूप से भूटान जाकर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत करती हैं। यह प्रोजेक्ट भूटान के राजघराने से भी जुड़ा हुआ है, जिससे इसकी संवेदनशीलता और महत्व और बढ़ जाता है।

संरचनात्मक और लोकल एरिया प्लान

वर्ष 2014 से नुपूर भूटान सरकार के साथ अर्बन डिजाइन कंसल्टेंट के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने भूटान के कई शहरों के लिए स्ट्रक्चर प्लान और लोकल एरिया प्लान (LAPs) तैयार किए हैं, जिनमें आधुनिक शहरी विकास के साथ सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत के संरक्षण पर विशेष बल दिया गया है। इन शहरों में Trashiyangtse, Nganglam, Damphu और Wangdue Phodrang शामिल हैं।

स्थानीय जड़ों से वैश्विक शहरों तक

नुपूर आज उन नामों में हैं, जो यह साबित करते हैं कि भोपाल की एजुकेशन, इंडियन ट्रेनिंग और वैश्विक रिस्पॉसबिलिटी-तीनों मिलकर दुनिया के नक्शे पर एक बेहतर शहर बना सकती हैं। नुपूर का मानना है कि अर्बन डिजाइन का उद्देश्य सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना नहीं, बल्कि स्थानीय मूल्यों, परंपराओं और सामुदायिक पहचान को और मजबूत करना होना चाहिए।

सन्दर्भ स्रोत : दैनिक भास्कर

सम्पादन : मीडियाटिक डेस्क 

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