उषा ने खेती और डेयरी से बदली किस्मत, सालाना कमा रहीं 6 लाख

blog-img

उषा ने खेती और डेयरी से बदली किस्मत, सालाना कमा रहीं 6 लाख

छाया : कलेक्टर ऑफिस ग्वालियर के फेसबुक पेज से

मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के भितरवार विकासखंड के ग्राम निकोड़ी की रहने वाली उषा रावत ने यह साबित कर दिया है कि यदि हौसला और सही मार्गदर्शन मिल जाए, तो ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं। कभी चौका-चूल्हे तक सीमित रहने वाली उषा आज सालाना 6 लाख रुपए से अधिक की कमाई कर रही हैं। 

उनकी यह प्रेरक यात्रा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ने के बाद शुरू हुई। पहले उनके पति महेश रावत खेतीहर मजदूर थे और दोनों मिलकर सालभर में मुश्किल से 60 हजार रुपए कमा पाते थे, लेकिन आज उनका परिवार आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर है। 

स्व-सहायता समूह से बदली जिंदगी 

उषा ने ‘समाधि बाबा स्व-सहायता समूह’ से जुड़कर अपने जीवन में बदलाव की शुरुआत की। समूह के माध्यम से उन्हें नर्सरी प्रबंधन का प्रशिक्षण मिला। उन्होंने समूह से 50 हजार रुपए का लोन लेकर नर्सरी व्यवसाय शुरू किया। मेहनत और लगन से उन्हें अच्छी आमदनी हुई। उन्होंने न केवल परिवार का खर्च संभाला बल्कि समय पर पूरा लोन भी चुका दिया। 

नर्सरी से डेयरी तक का सफर 

नर्सरी व्यवसाय में सफलता मिलने के बाद उषा का आत्मविश्वास बढ़ा। उन्होंने कुटुंब संकुल स्तरीय संगठन से कुल 7.5 लाख रुपए का लोन लेकर अपने व्यवसाय का विस्तार किया। नर्सरी के साथ उन्होंने डेयरी व्यवसाय भी शुरू किया। शुरुआत में 5 भैंसें खरीदीं और आज उनके पास 12 दुधारू पशु हैं। पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था हेतु वे अपने खेत में नेपियर घास उगाती हैं, जिससे लागत कम होती है और मुनाफा बढ़ता है। आज उषा की मासिक आय 40 से 50 हजार रुपए तक पहुंच चुकी है। आमदनी बढ़ने पर उन्होंने अपने पति को मजदूरी से मुक्त कराया और एक ट्रैक्टर खरीदा। अब उनके पति स्वयं का कृषि कार्य और ट्रैक्टर सेवा का काम कर रहे हैं। 

बेटी का सपना हुआ साकार 

पहले जहां परिवार की आय बेहद सीमित थी, वहीं अब उनकी बेटी कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। उषा का कहना है कि आजीविका मिशन की मदद से उनके मुरझाए सपनों को नई उड़ान मिली है। 

सन्दर्भ स्रोत : कृषक जगत 

सम्पादन : मीडियाटिक डेस्क

Comments

Leave A reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *



महिलाओं की संस्था 'सकारात्मक सोच'
न्यूज़

महिलाओं की संस्था 'सकारात्मक सोच' , ने बदली स्कूल और आंगनवाड़ी की तस्वीर

शिक्षा और पर्यावरण में योगदान- स्कूलों में अब वाटर कूलर, पंखे, एलईडी के साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग भी

नो केमिकल हर्बल प्रोडक्ट से बीमारियों से
न्यूज़

नो केमिकल हर्बल प्रोडक्ट से बीमारियों से , सुरक्षा उज्जैन की छात्राओं का अनोखा नवाचार

उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की छात्राओं ने बनाया हर्बल प्रोडक्ट, डेली यूज की चीजें, खाने पीने के सामान क...

मां यशोदा बनकर सैकड़ों कुपोषित बच्चों
न्यूज़

मां यशोदा बनकर सैकड़ों कुपोषित बच्चों , को नई जिंदगी  दे रही रीवा की ममता

सामाजिक सेवा से मिलती है संतुष्टि - आठ साल पहले पहली बार 47 अति कुपोषित बच्चों को गोद लिया था।

भारती ठाकुर : डॉक्टर बनने का सपना रह गया
न्यूज़

भारती ठाकुर : डॉक्टर बनने का सपना रह गया , अधूरा, MPPSC में लहराया परचम

भारती ठाकुर लगातार मिल रही असफलताओं से बिल्कुल नहीं घबराईं और उन्होंने लगातार मेहनत करना जारी रखा.