खातून बी- गुल्लक के 2 हजार से शुरू की

blog-img

खातून बी- गुल्लक के 2 हजार से शुरू की
दुकान, अब हर दिन हजारों की कमाई

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के लालबाग इलाके में रहने वाली खातून बी ने यह साबित कर दिया कि अगर हौसला मजबूत हो तो छोटी शुरुआत भी बड़ी सफलता में बदल सकती है। महज 2 हजार रूपये  से शुरू हुआ उनका छोटा सा कारोबार आज उन्हें रोज़ाना 2 से 3 हजार तक की कमाई दे रहा है।

पति की बीमारी ने बदली जिंदगी की दिशा

करीब पांच साल पहले खातून बी के पति अचानक बीमार पड़ गए। इलाज के कारण उनका काम छूट गया और घर की आमदनी लगभग बंद हो गई। बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और दवाइयों की जिम्मेदारी पूरी तरह खातून बी के कंधों पर आ गई। हालात बेहद कठिन थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

गुल्लक टूटी और किस्मत ने लिया नया मोड़

खातून बी के पास उस समय कोई बड़ा सहारा नहीं था। बस एक गुल्लक थी, जिसमें धीरे-धीरे जोड़कर उन्होंने करीब दो हजार रूपये  जमा किए थे। मजबूरी में उन्होंने वही गुल्लक तोड़ी और उस पैसे से कटलरी का सामान खरीद लिया। लालबाग इलाके में एक छोटी सी दुकान लगाकर उन्होंने अपने सफर की शुरुआत की।

शुरुआती संघर्ष, लेकिन मजबूत इरादे

शुरुआत में कई दिन ऐसे भी आए जब दुकान पर ग्राहक नहीं आते थे। लेकिन खातून बी ने सस्ती कीमत और अच्छी क्वालिटी को अपनी पहचान बना लिया। धीरे-धीरे ग्राहकों का भरोसा बढ़ा और दुकान चल निकली। आज उनकी रोज़ की कमाई हजारों  तक पहुंच गई है। साल भर में उनका कारोबार लाखों रुपये तक पहुंच जाता है।

45 की उम्र में शुरू किया नया सफर

खातून बी ने 45 साल की उम्र में यह काम शुरू किया। लोगों ने ताने भी दिए कि इस उम्र में नया काम शुरू करना मुश्किल है, लेकिन उन्होंने अपने आत्मविश्वास को कमजोर नहीं होने दिया। वह बुरहानपुर के साथ-साथ जलगांव और भुसावल के बाजारों से सामान लाकर बेचती हैं। उनकी दुकान पर कांच की चूड़ियां सबसे ज्यादा बिकती हैं। इसके अलावा कटलरी, महिलाओं के उपयोग का सामान और बच्चों के खिलौने भी उपलब्ध हैं।

खातून बी की कहानी हर उस महिला के लिए प्रेरणा है जो हालात के आगे हार मानने लगती है। उन्होंने साबित किया कि छोटी पूंजी, लेकिन बड़ा हौसला, यही सफलता की असली कुंजी है।

सन्दर्भ स्रोत /छाया : न्यूज18

सम्पादन : मीडियाटिक डेस्क

Comments

Leave A reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *



महिलाओं की संस्था 'सकारात्मक सोच'
न्यूज़

महिलाओं की संस्था 'सकारात्मक सोच' , ने बदली स्कूल और आंगनवाड़ी की तस्वीर

शिक्षा और पर्यावरण में योगदान- स्कूलों में अब वाटर कूलर, पंखे, एलईडी के साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग भी

नो केमिकल हर्बल प्रोडक्ट से बीमारियों से
न्यूज़

नो केमिकल हर्बल प्रोडक्ट से बीमारियों से , सुरक्षा उज्जैन की छात्राओं का अनोखा नवाचार

उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की छात्राओं ने बनाया हर्बल प्रोडक्ट, डेली यूज की चीजें, खाने पीने के सामान क...

मां यशोदा बनकर सैकड़ों कुपोषित बच्चों
न्यूज़

मां यशोदा बनकर सैकड़ों कुपोषित बच्चों , को नई जिंदगी  दे रही रीवा की ममता

सामाजिक सेवा से मिलती है संतुष्टि - आठ साल पहले पहली बार 47 अति कुपोषित बच्चों को गोद लिया था।

भारती ठाकुर : डॉक्टर बनने का सपना रह गया
न्यूज़

भारती ठाकुर : डॉक्टर बनने का सपना रह गया , अधूरा, MPPSC में लहराया परचम

भारती ठाकुर लगातार मिल रही असफलताओं से बिल्कुल नहीं घबराईं और उन्होंने लगातार मेहनत करना जारी रखा.