मध्य प्रदेश के सागर जिले की रहने वाली भारती ठाकुर ने लगातार मिल रही असफलताओं के बावजूद हार नहीं मानी और मेहनत के दम पर सफलता के नए कीर्तिमान गढ़े। कक्षा 12वीं में डॉक्टर बनने का सपना देखने वाली भारती ने सरकारी कॉलेज न मिलने पर डॉक्टर बनने का सपना छोड़ दिया और फिर सरकारी सेवा में कदम रखने के लिए MPPSC (मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग) की परीक्षा की तैयारी शुरू की।
किसान परिवार में पली-बढ़ी
भारती ठाकुर सागर जिले के जनकपुर गांव से हैं, जहां उनके पिता चंद्रभान सिंह किसान हैं और मां गृहिणी हैं। उनका परिवार गांव में रहता था, जहां उनकी प्रारंभिक शिक्षा भी गांव में ही हुई। सरस्वती शिशु मंदिर से प्रारंभिक शिक्षा लेने के बाद, उन्होंने शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से 12वीं तक पढ़ाई की।
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डॉक्टर बनने का सपना और शिक्षा
भारती ने 11वीं कक्षा में बायो स्ट्रीम चुनी, क्योंकि उनका सपना डॉक्टर बनने का था। लेकिन सरकारी एमबीबीएस कॉलेज में दाखिल नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने सागर के डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय से बीएससी और एमएससी की पढ़ाई की। डॉक्टर बनने का सपना टूटने के बाद उन्होंने डिप्टी कलेक्टर बनने की योजना बनाई, लेकिन पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली।
MPPSC की तैयारी की शुरुआत
साल 2018 में भारती ने पहली बार MPPSC राज्य सेवा परीक्षा दी थी। तीन महीने की तैयारी में उन्होंने प्रीलिम्स पास किया, लेकिन मेंस परीक्षा में असफल रही। फिर 2019 में उन्होंने एक बार फिर से प्रयास किया और इस बार मेंस परीक्षा भी पास की, लेकिन मेरिट में नाम नहीं आया। उन्होंने हार नहीं मानी और फिर से 2022 में कोशिश की, लेकिन फाइनल सेलेक्शन नहीं हो सका।
2023 में मिली सफलता
2023 में, भारती ने तीसरी बार MPPSC परीक्षा दी और इस बार फाइनल चयन सूची में उनका नाम आया। भारती की खुशी का ठिकाना नहीं था क्योंकि उन्होंने वर्षों की मेहनत का परिणाम देखा। उनकी यह सफलता उनके संघर्ष और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
अप्रैल 2026 में मिली पोस्टिंग
अप्रैल 2026 में उन्हें छतरपुर जिले के लवकुश नगर में जनपद सीईओ के पद पर पोस्टिंग मिली। भारती का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए योजनाओं का सही क्रियान्वयन करना है।
हिंदी मीडियम से दी परीक्षा
भारती ने हिंदी माध्यम से मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा दी और उन्हें यकीन है कि हिंदी मीडियम के छात्रों के लिए भी सफलता प्राप्त करना संभव है। वे यह संदेश देना चाहती हैं कि यदि आपके पास सही रणनीति हो और मेहनत करें, तो किसी भी कठिनाई को पार किया जा सकता है।
डिप्टी कलेक्टर बनने की ख्वाहिश
हालांकि, भारती की प्राथमिक ख्वाहिश अब भी डिप्टी कलेक्टर बनने की है। वे अब एक बार फिर से MPPSC परीक्षा की तैयारी कर रही हैं, ताकि अपने दूसरे लक्ष्य को भी हासिल कर सकें।
सन्दर्भ स्रोत : न्यूज 18
सम्पादन : मीडियाटिक डेस्क



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