प्रयागराज। पढ़ाई जारी रखने की इच्छा लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंची एक विवाहिता को अंतरिम सुरक्षा मिली है। कोर्ट ने मामले को पारिवारिक विवाद व गलतफहमी वाला मानते हुए मध्यस्थता केंद्र भेज दिया है, ताकि बातचीत के जरिये ऐसा समाधान निकाला जा सके जिससे विवाहिता पढ़ाई भी जारी रख सके और पारिवारिक रिश्ते भी प्रभावित न हों। न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की खंडपीठ ने अगली सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित की है।
प्रयागराज के सोरांव क्षेत्र निवासी प्रिया ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर सुरक्षा की मांग की थी। उनका कहना था कि पति रवि पटेल, ससुराल पक्ष और उनके पिता दूधनाथ के साथ संबंधों में तनाव है। वह अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं, लेकिन परिवार के लोग इसका विरोध कर रहे हैं।
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यह जान-माल के खतरे का मामला नहीं
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रथमदृष्टया माना कि यह जान-माल के खतरे का मामला नहीं है। यह परिवार के सदस्यों के बीच गलतफहमी का परिणाम प्रतीत होता है, जिसे आपसी बातचीत और समझौते से दूर किया जा सकता है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विवाहिता की शिक्षा महत्वपूर्ण है और उसका प्रयास रहेगा कि वह पढ़ाई भी कर सके तथा पारिवारिक संबंध भी बने रहें। अदालत ने निर्देश दिया कि याची नौ जून तक आदेश की प्रति मध्यस्थता केंद्र में जमा करे। इसके बाद केंद्र पति रवि पटेल और पिता दूधनाथ को नोटिस जारी करेगा।
22 जून से शुरू होगी मध्यस्थता की कार्यवाही
मध्यस्थता की कार्यवाही 22 जून से शुरू होने वाले सप्ताह में तय की जाएगी और पक्षों की उपस्थिति के बाद जल्द से जल्द पूरी करने का प्रयास किया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट ने अंतरिम निर्देश भी जारी किए हैं और याची को आदेश की प्रति पुलिस आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा है।



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