न्यूज़ व्यूज़राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिला मौका...
न्यूज़ व्यूज़बहन की जगह मिले मौके ने बदली किस्मत...
अदालती फैसलेहाई कोर्ट ने 25 हजार रुपये मासिक भत्ता को ठहराया उचित...
न्यूज़ व्यूज़जंगल की औषधियों से किया कमाल. 500 महिलाओं के समूह को साथ लेकर बनाई कृषि नमामि आजिविका फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी....
प्रेयसी और पत्नी ही नहीं, बाजीराव की साथी भी थी मस्तानी
मस्तानी बाजीराव का जीवन काल जितना विवादित रहा है उतना ही विवादित उनका वास्तविक परिचय भी है।
दास्ताँ भोपाल की अंतिम गोंड शासक रानी कमलापति की
सन 1705 में गोंड राजा निज़ाम शाह ने विवाह के बाद भोपाल रानी कमलापति को दिया। वह बचपन से ही बुद्धिमान और साहसी थीं। शिक्ष...
शैलचित्रों में स्त्री
मध्यप्रदेश की धरती पर आज भी अतीत की दुर्लभ स्मृतियाँ दर्ज हैं.
एक गूजर बाला, जो मशहूर हुई मृगनयनी के नाम से
राजा मानसिंह निम्मी के नयन सौंदर्य , और शिकार मे लक्ष्यवेध से मुग्ध होकर वे उसे विवाह करके… ग्वालियर ले गये
भीमाबाई जिनके युद्ध कौशल से अंग्रेज भी थे हैरान
भीमा बाई की संघर्ष गाथा समझने के लिए होलकर वंश की पृष्ठभूमि समझना आवश्यक है। इस वंश की स्थापना मल्हारराव होलकर (प्रथम) न...
कौन थी गन्ना बेगम जो सेना में मर्दों के भेस में रहती थी
गन्ना एक रूपवती और गुणवान युवती थी, उसके पिता अब्दुल कुली ख़ान ईरान के शाही परिवार से ताल्लुक रखते थे।
वंदना ठाकुर : जिसने बॉडी बिल्डिंग में पुरुषों के एकाधिकार को तोड़ा
वंदना चाहती हैं कि वे आर्थिक रूप से कमज़ोर लड़कियों की मदद करें, जो इस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती हैं लेकिन सही मार्गदर्...
कलम और सुई-धागे को एक साथ साधती दीप्ति कुशवाहा
माँ की चित्रकला ने दीप्ति के भीतर लोककलाओं के प्रति प्रेम जगाया, दीप्ति ने कढ़ाई की तकनीक भीउनसे ही सीखी। साहित्यिक-सांस्...
प्रियंका दुबे : जिन्हें खोजी पत्रकारिता ने दिलाई अंतर्राष्ट्रीय पहचान
प्रियंका खोजी पत्रकार और द्विभाषी लेखिका हैं, जो मानवाधिकार, महिलाओं और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रभावशाल...
शांता भूरिया : पिटोल से पेरिस तक का सफर तय करने वाली पिथौरा चित्रकार
आर्थिक कठिनाइयों के बीच फिर से शुरू हुई चित्रकला, प्रदर्शनियों से मिली पहचान
डॉ. नीलिमा शर्मा : संगीत और अभिनय से रची नई पहचान
लंबे विराम के बाद पुनः रियाज़ आरंभ करना सहज नहीं था, किंतु कठोर साधना, आत्मसंघर्ष और दृढ़ संकल्प के साथ उन्होंने उपशास्त...
उर्दू की बेशकीमती नगीना है डॉ. रज़िया हामिद
डॉ. रज़िया की ज्यादातर किताबें उर्दू भाषा में लिखी गयीं हैं, कुछ-कुछ किताबें हिन्दी और उर्दू दोनों भाषाओँ में छपी हैं।
इंडिया कैंप के लिए चुनी गईं शालिनी, सब जूनियर एशिया कप की करेंगी तैयारी
राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिला मौका
शूटर वंशिका तिवारी का सीनियर वर्ल्ड कप में चयन
बहन की जगह मिले मौके ने बदली किस्मत
जंगली बूटी से खंडवा की कलाबाई ने बनाई इंटनेशनल कंपनी
जंगल की औषधियों से किया कमाल. 500 महिलाओं के समूह को साथ लेकर बनाई कृषि नमामि आजिविका फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी.
सरपंच आरती कुशवाहा ने बदली गांव की तस्वीर : जहां थी गंदगी, आज है खूबसूरती
भिंड का दबरेहा बना मिसाल: तालाब से लेकर सड़कों तक दिखा बदलाव
संतोष चौहान : पैरों से लिखकर रची सफलता की कहानी
करंट ने जब छीन ली हाथों की जान, पांव ने पकड़ी कलम और दी पहचान, https://hindi.news18.com/news/madhya-pradesh/rajgarh-san...
पावनि वीमेन साइकिलिंग ग्रुप : फिटनेस को बढ़ावा देने साप्ताहिक साइकिलिंग की पहल
महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के उद्देश्य से शुरू हुआ ग्रुप
शादी के बाद महिला की 'ना' को क्यों नहीं सुन पाती हैं अदालतें
अदालत ने यह स्पष्ट किया कि वैध विवाह के भीतर पति-पत्नी के बीच यौन संबंधों में 'सहमति' का प्रश्न कानूनी रूप से अप्रासंगिक...
शादीशुदा पुरुषों के लिव-इन वाले फैसले पर कोर्ट का यू-टर्न! दो अलग मामलों को लेकर उठे सवाल
दोनों फैसलों ने अलग-अलग व्याख्याएं सामने रखीं, जो अब चर्चा का केंद्र बन चुकी हैं।
स्त्री अस्मिता की यात्रा
अंततः स्त्री होने का अर्थ किसी सीमा या बंधन में बँधना नहीं, बल्कि अपने भीतर निहित संभावनाओं को पहचानना एवं उन्हें साकार...
नीला ड्रम, स्टोव बनाम स्त्री विमर्श
इन सारी घटनाओं में पीड़ित कौन है, इसका पता कितना सत्य है और असल में तो जांच के बाद ही चलेगा। लेकिन इतना तय है कि विवाह स...
महिला ही क्यों हो रसोई की रानी, 'पुरुष महाराज' क्यों नहीं?
इस दौर में भी आखिर क्यों मछली जल की रानी है की तर्ज पर एक महिला को किचन की रानी बना दिया गया है, पुरुष क्यों नहीं 'रसोई...
मप्र में बाल विवाह की स्थिति और लाडो अभियान
मुख्य उद्देश्य -जनसमुदाय की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव के साथ बाल विवाह जैसी कुरीति को सामुदायिक सहभागिता से समाप्त कर...
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट : पति नहीं कर सकता पत्नी और नाबालिग संतान के भरण-पोषण से इनकार
हाई कोर्ट ने 25 हजार रुपये मासिक भत्ता को ठहराया उचित
जबलपुर फैमिली कोर्ट : जब कमाई बराबर हो तो मेंटेनेंस नहीं
कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि भरण-पोषण किसी ऐसे व्यक्ति को दिया जाता है जो आर्थिक रूप से कमजोर हो या खुद खर्च नहीं उठा पा रहा ह...
इलाहाबाद हाईकोर्ट : लिव-इन रिलेशनशिप में रहने पर भी अलगाव के बाद महिला को मिलेगा भरण-पोषण
कोर्ट ने कहा - कोई पुरुष कानूनी तकनीकी खामियों का लाभ उठाकर अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकता।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट : केवल शिक्षा से तय नहीं होता बेहतर अभिभावक
उच्च न्यायालय ने कहा कि केवल शिक्षा के आधार पर अभिभावक तय नहीं होता। बच्चे के हित को सर्वोपरि मानते हुए पिता की अपील खार...
बॉम्बे हाई कोर्ट : पत्नी को किचन में जाने से रोकना ‘मानसिक क्रूरता
Bombay High Court का बड़ा फैसला, पति पर FIR जारी रखने के आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट : पासपोर्ट बनवाने के लिए पिता का नाम जरूरी नहीं
दिल्ली हाईकोर्ट : पासपोर्ट बनवाने के लिए पिता का नाम जरूरी नहीं









