वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई
डाक टिकटों पर मध्यप्रदेश की महिला विभूतियाँ

वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई

16 नवम्बर 1835 को जन्मी महारानी लक्ष्मीबाई ने मात्र 22 वर्ष की उम्र में 1857 के गदर में अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिये थे...

भीमाबाई जिनके युद्ध कौशल से अंग्रेज भी थे हैरान
स्वतंत्रता संग्राम में मप्र की महिलाएं

भीमाबाई जिनके युद्ध कौशल से अंग्रेज भी थे हैरान

भीमा बाई की संघर्ष गाथा समझने के लिए होलकर वंश की पृष्ठभूमि समझना आवश्यक है। इस वंश की स्थापना मल्हारराव होलकर (प्रथम) न...

क्रांति त्रिवेदी
डाक टिकटों पर मध्यप्रदेश की महिला विभूतियाँ

क्रांति त्रिवेदी

हिन्दी की प्रख्यात लेखिका श्रीमती क्रान्ति त्रिवेदी का जन्म 28 सितम्बर 1932 को अविभाजित मध्यप्रदेश के रायपुर में हुआ था।

रानी दुर्गावती जिनके शासन काल में स्वर्ण मुद्राओं और हाथियों के रूप में भरी जाती थी लगान
मध्यप्रदेश के इतिहास में महिलाएं

रानी दुर्गावती जिनके शासन काल में स्वर्ण मुद्राओं और हाथियों के रूप में भरी जाती थी लगान

गढ़ा-मंडला की रानी दुर्गावती ने स्वतंत्रता की रक्षा के लिए हंसते-हंसते प्राणों की आहूति दी थी। उनके आत्मोत्सर्ग की गौरव...

दास्ताँ भोपाल की अंतिम गोंड शासक रानी कमलापति की
मध्यप्रदेश के इतिहास में महिलाएं

दास्ताँ भोपाल की अंतिम गोंड शासक रानी कमलापति की

सन 1705 में गोंड राजा निज़ाम शाह ने विवाह के बाद भोपाल रानी कमलापति को दिया। वह बचपन से ही बुद्धिमान और साहसी थीं। शिक्ष...

अहिल्याबाई : एक गाँव को समृद्ध नगर में बदल देने वाली रानी
मध्यप्रदेश के इतिहास में महिलाएं

अहिल्याबाई : एक गाँव को समृद्ध नगर में बदल देने वाली रानी

मालवा साम्राज्य की रानी अहिल्याबाई होल्कर जीवनपर्यंत अपने और अपनी रियासत के अस्तित्व के लिए संघर्षरत रहीं। उनका राज्य सं...

प्रियंका दुबे :   जिन्हें खोजी पत्रकारिता ने दिलाई अंतर्राष्ट्रीय पहचान
ज़िन्दगीनामा

प्रियंका दुबे :   जिन्हें खोजी पत्रकारिता ने दिलाई अंतर्राष्ट्रीय पहचान

प्रियंका खोजी पत्रकार और द्विभाषी लेखिका हैं, जो मानवाधिकार, महिलाओं और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रभावशाल...

शांता भूरिया :  पिटोल  से पेरिस तक का
ज़िन्दगीनामा

शांता भूरिया :  पिटोल  से पेरिस तक का सफर तय करने वाली पिथौरा चित्रकार

आर्थिक कठिनाइयों के बीच फिर से शुरू हुई चित्रकला, प्रदर्शनियों से मिली पहचान

डॉ. नीलिमा शर्मा : संगीत और अभिनय से रची नई पहचान 
ज़िन्दगीनामा

डॉ. नीलिमा शर्मा : संगीत और अभिनय से रची नई पहचान 

लंबे विराम के बाद पुनः रियाज़ आरंभ करना सहज नहीं था, किंतु कठोर साधना, आत्मसंघर्ष और दृढ़ संकल्प के साथ उन्होंने उपशास्त...

उर्दू की बेशकीमती नगीना है
ज़िन्दगीनामा

उर्दू की बेशकीमती नगीना है डॉ. रज़िया हामिद 

डॉ. रज़िया की ज्यादातर किताबें उर्दू भाषा में लिखी गयीं हैं, कुछ-कुछ किताबें हिन्दी और उर्दू दोनों भाषाओँ में छपी हैं।

वर्षा कुशवाहा चौहान - उम्र पीछे छोड़ हौसले से जीता सम्मान 
ज़िन्दगीनामा

वर्षा कुशवाहा चौहान - उम्र पीछे छोड़ हौसले से जीता सम्मान 

वर्ष 2016 उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ, जब उनके पति की पोस्टिंग दिल्ली हुई। एक विज्ञापन देखने के बाद उन्होंने म...

भोपाल रियासत की बुनियाद थीं मामोला बाई
ज़िन्दगीनामा

भोपाल रियासत की बुनियाद थीं मामोला बाई

कुछ लोगों का मानना है कि वे यार मुहम्मद द्वारा पराजित किसी ठाकुर परिवार की पुत्री थीं, किसी के अनुसार वे कोटा के राजपूत...

न्याय व्यवस्था में महिलाओं की
न्यूज़

न्याय व्यवस्था में महिलाओं की कमी पर CJI सूर्यकांत का कड़ा रुख

सभी हाई कोर्ट के जजों को लिखा पत्र- हाईकोर्ट कॉलेजियम को महिला जजों की नियुक्ति को अपवाद के तौर पर नहीं, बल्कि सामान्य न...

सरपंच साक्षी बनीं FD दीदी, गांव की
न्यूज़

सरपंच साक्षी बनीं FD दीदी, गांव की बिटिया को देतीं 1100 की फिक्स डिपोजिट

बेटियों के जन्म पर बजते हैं ढोल नगाड़े, तीन साल में 26 बेटियों का सुरक्षित भविष्य

मजदूर से लखपति बनी आशा ने बदली  
न्यूज़

मजदूर से लखपति बनी आशा ने बदली   महिलाओं की जिंदगी, बनाया आत्मनिर्भर

जहां पहले वह सिर्फ खेतों में काम किया करती थी, आज करीब 200 महिलाओं के रोजी रोटी का साधन बनी हैं

400 से ज्यादा बच्चों का सहारा बनी उज्जैन की ‘मां’ कांता गोयल
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400 से ज्यादा बच्चों का सहारा बनी उज्जैन की ‘मां’ कांता गोयल

जाति-धर्म से ऊपर मानवता की मिसाल . बच्चों को मिल रहे संस्कार और उज्ज्वल भविष्य की राह

ग्वालियर की अनुष्का शर्मा का इंडिया टीम में चयन
न्यूज़

ग्वालियर की अनुष्का शर्मा का इंडिया टीम में चयन

साउथ अफ्रीका में टी-20 सीरीज खेलेंगी. अनुष्का एक बेहतरीन ऑलराउंडर हैं और इंडिया ए व WPL में अपने बल्लेबाजी और गेंदबाजी क...

स्त्री अस्मिता की यात्रा
विमर्श वीथी

स्त्री अस्मिता की यात्रा

अंततः स्त्री होने का अर्थ किसी सीमा या बंधन में बँधना नहीं, बल्कि अपने भीतर निहित संभावनाओं को पहचानना एवं उन्हें साकार...

नीला ड्रम, स्टोव बनाम स्त्री विमर्श
विमर्श वीथी

नीला ड्रम, स्टोव बनाम स्त्री विमर्श

इन सारी घटनाओं में पीड़ित कौन है, इसका पता कितना सत्य है और असल में तो जांच के बाद ही चलेगा। लेकिन इतना तय है कि विवाह स...

महिला ही क्यों हो रसोई की रानी, 'पुरुष महाराज' क्यों नहीं?
विमर्श वीथी

महिला ही क्यों हो रसोई की रानी, 'पुरुष महाराज' क्यों नहीं?

इस दौर में भी आखिर क्यों मछली जल की रानी है की तर्ज पर एक महिला को किचन की रानी बना दिया गया है, पुरुष क्यों नहीं 'रसोई...

मप्र में बाल विवाह की स्थिति और लाडो अभियान
विमर्श वीथी

मप्र में बाल विवाह की स्थिति और लाडो अभियान

मुख्य उद्देश्य -जनसमुदाय की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव के साथ बाल विवाह जैसी कुरीति को सामुदायिक सहभागिता से समाप्त कर...

अनोखी है उदिता योजना
विमर्श वीथी

अनोखी है उदिता योजना

उदिता योजना अंतर्गत किशोरी के मासिक धर्म संबंधी स्वास्थ्य को बढ़ावा दिया जााता हैं।

मप्र की महिलाओं में एनीमिया की स्थिति
विमर्श वीथी

मप्र की महिलाओं में एनीमिया की स्थिति

क्या आपको मालूम है कि देश की आधी आबादी भीतर से कमज़ोर है। उनके साथ आपके घर की सुबह होती है। वे आपके लिए चाय बनाती हैं, न...

सुप्रीम कोर्ट : गोद लेने वाली महिला को भी मातृत्व अवकाश का हक
अदालती फैसले

सुप्रीम कोर्ट : गोद लेने वाली महिला को भी मातृत्व अवकाश का हक

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा- मातृत्व संरक्षण एक मूलभूत मानवाधिकार है. 

कर्नाटक हाईकोर्ट : दूसरी महिला के साथ
अदालती फैसले

कर्नाटक हाईकोर्ट : दूसरी महिला के साथ लिव-इन में रहना शादी नहीं

हाई कोर्ट ने इसी के साथ दूसरी महिला और उसके बच्चों के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को भी रद्द कर दिया है। 

जबलपुर हाईकोर्ट :   'परंपरा' का हवाला देकर
अदालती फैसले

जबलपुर हाईकोर्ट :   'परंपरा' का हवाला देकर बहुविवाह को वैध नहीं ठहराया जा सकता

कोर्ट ने कहा कि ऐसे दावे के लिए ठोस साक्ष्य जरूरी हैं। केवल आदिवासी परंपरा का हवाला देकर किसी महिला को पति की संपत्ति या...

केरल हाईकोर्ट : बिना किसी ठोस आधार के
अदालती फैसले

केरल हाईकोर्ट : बिना किसी ठोस आधार के महिला के चरित्र पर कीचड़ उछालना सामाजिक हिंसा

अदालत ने यह भी कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण का मतलब यह नहीं है कि उन्हें संत बना दिया जाए।

इलाहाबाद हाईकोर्ट :  पति की मृत्यु के बाद एकतरफा
अदालती फैसले

इलाहाबाद हाईकोर्ट :  पति की मृत्यु के बाद एकतरफा तलाक के फैसले को रद्द नहीं किया जा सकता

हाईकोर्ट ने पाया कि पहली पत्नी ने डिक्री को चुनौती देने के लिए 30 साल से अधिक समय तक कोई कदम नहीं उठाया और यह आवेदन पति...