प्रेयसी और पत्नी ही नहीं, बाजीराव की साथी भी थी मस्तानी
मध्यप्रदेश के इतिहास में महिलाएं

प्रेयसी और पत्नी ही नहीं, बाजीराव की साथी भी थी मस्तानी

मस्तानी बाजीराव का जीवन काल जितना विवादित रहा है उतना ही विवादित उनका वास्तविक परिचय भी है।

विजयाराजे सिंधिया
डाक टिकटों पर मध्यप्रदेश की महिला विभूतियाँ

विजयाराजे सिंधिया

ग्वालियर रियासत की राजमाता श्रीमती विजयाराजे सिंधिया राजनीति में पूर्णत: सक्रिय रहने के बावजूद शिक्षा के प्रसार तथा गरीब...

रानी रूपमती जिसने की थी रागिनी भूप कल्याण की रचना
मध्यप्रदेश के इतिहास में महिलाएं

रानी रूपमती जिसने की थी रागिनी भूप कल्याण की रचना

मालवा की रानी रूपमती और उसके पति सुल्तान बाज बहादुर की प्रणय गाथा आज भी माण्डू दुर्ग के अवशेषों में प्रतिध्वनित होती है।

पहला भारतीय एक महिला, नर्मदा घाटी में मिला था मानव जीवाश्म
पहला भारतीय एक महिला

पहला भारतीय एक महिला, नर्मदा घाटी में मिला था मानव जीवाश्म

पहला भारतीय कौन है? मतलब पहला मानवीय जीव जो इस धरती पर रहा

महाकवि केशवदास ने लोहार की बेटी पुनिया को दिया था रायप्रवीण का नाम
मध्यप्रदेश के इतिहास में महिलाएं

महाकवि केशवदास ने लोहार की बेटी पुनिया को दिया था रायप्रवीण का नाम

राजकुमार इन्द्रजीत ने राय प्रवीण से बेहिसाब प्रेम किया, लेकिन शाही परिवार से जुड़े होने के कारण चाहकर भी वह शादी नहीं...

सुभद्राकुमारी चौहान
डाक टिकटों पर मध्यप्रदेश की महिला विभूतियाँ

सुभद्राकुमारी चौहान

झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का तो डाक विभाग ने सम्मान किया ही, साथ ही ‘खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी’

प्रियंका दुबे :   जिन्हें खोजी पत्रकारिता ने दिलाई अंतर्राष्ट्रीय पहचान
ज़िन्दगीनामा

प्रियंका दुबे :   जिन्हें खोजी पत्रकारिता ने दिलाई अंतर्राष्ट्रीय पहचान

प्रियंका खोजी पत्रकार और द्विभाषी लेखिका हैं, जो मानवाधिकार, महिलाओं और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रभावशाल...

शांता भूरिया :  पिटोल  से पेरिस तक का
ज़िन्दगीनामा

शांता भूरिया :  पिटोल  से पेरिस तक का सफर तय करने वाली पिथौरा चित्रकार

आर्थिक कठिनाइयों के बीच फिर से शुरू हुई चित्रकला, प्रदर्शनियों से मिली पहचान

डॉ. नीलिमा शर्मा : संगीत और अभिनय से रची नई पहचान 
ज़िन्दगीनामा

डॉ. नीलिमा शर्मा : संगीत और अभिनय से रची नई पहचान 

लंबे विराम के बाद पुनः रियाज़ आरंभ करना सहज नहीं था, किंतु कठोर साधना, आत्मसंघर्ष और दृढ़ संकल्प के साथ उन्होंने उपशास्त...

उर्दू की बेशकीमती नगीना है
ज़िन्दगीनामा

उर्दू की बेशकीमती नगीना है डॉ. रज़िया हामिद 

डॉ. रज़िया की ज्यादातर किताबें उर्दू भाषा में लिखी गयीं हैं, कुछ-कुछ किताबें हिन्दी और उर्दू दोनों भाषाओँ में छपी हैं।

वर्षा कुशवाहा चौहान - उम्र पीछे छोड़ हौसले से जीता सम्मान 
ज़िन्दगीनामा

वर्षा कुशवाहा चौहान - उम्र पीछे छोड़ हौसले से जीता सम्मान 

वर्ष 2016 उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ, जब उनके पति की पोस्टिंग दिल्ली हुई। एक विज्ञापन देखने के बाद उन्होंने म...

भोपाल रियासत की बुनियाद थीं मामोला बाई
ज़िन्दगीनामा

भोपाल रियासत की बुनियाद थीं मामोला बाई

कुछ लोगों का मानना है कि वे यार मुहम्मद द्वारा पराजित किसी ठाकुर परिवार की पुत्री थीं, किसी के अनुसार वे कोटा के राजपूत...

मजदूर से लखपति बनी आशा ने बदली  
न्यूज़

मजदूर से लखपति बनी आशा ने बदली   महिलाओं की जिंदगी, बनाया आत्मनिर्भर

जहां पहले वह सिर्फ खेतों में काम किया करती थी, आज करीब 200 महिलाओं के रोजी रोटी का साधन बनी हैं

400 से ज्यादा बच्चों का सहारा बनी उज्जैन की ‘मां’ कांता गोयल
न्यूज़

400 से ज्यादा बच्चों का सहारा बनी उज्जैन की ‘मां’ कांता गोयल

जाति-धर्म से ऊपर मानवता की मिसाल . बच्चों को मिल रहे संस्कार और उज्ज्वल भविष्य की राह

ग्वालियर की अनुष्का शर्मा का इंडिया टीम में चयन
न्यूज़

ग्वालियर की अनुष्का शर्मा का इंडिया टीम में चयन

साउथ अफ्रीका में टी-20 सीरीज खेलेंगी. अनुष्का एक बेहतरीन ऑलराउंडर हैं और इंडिया ए व WPL में अपने बल्लेबाजी और गेंदबाजी क...

बुरहानपुर का ‘दीदी कैफे’: ₹40 हजार से शुरू, अब लाखों की कमाई
न्यूज़

बुरहानपुर का ‘दीदी कैफे’: ₹40 हजार से शुरू, अब लाखों की कमाई

शुरुआत में कई दिनों तक एक भी ग्राहक नहीं आता था, लेकिन हिम्मत नहीं हारी और मेहनत जारी रखी. सरकारी कार्यक्रमों में भी उन्...

दिव्यांगता पर मंजेश की जीत, मुंह से लिखकर गढ़ी सफलता की मिसाल
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दिव्यांगता पर मंजेश की जीत, मुंह से लिखकर गढ़ी सफलता की मिसाल

शारीरिक रूप से अक्षम होने के कारण वे हाथों से लिख नहीं सकती थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने मुंह से कलम पकड़...

स्त्री अस्मिता की यात्रा
विमर्श वीथी

स्त्री अस्मिता की यात्रा

अंततः स्त्री होने का अर्थ किसी सीमा या बंधन में बँधना नहीं, बल्कि अपने भीतर निहित संभावनाओं को पहचानना एवं उन्हें साकार...

नीला ड्रम, स्टोव बनाम स्त्री विमर्श
विमर्श वीथी

नीला ड्रम, स्टोव बनाम स्त्री विमर्श

इन सारी घटनाओं में पीड़ित कौन है, इसका पता कितना सत्य है और असल में तो जांच के बाद ही चलेगा। लेकिन इतना तय है कि विवाह स...

महिला ही क्यों हो रसोई की रानी, 'पुरुष महाराज' क्यों नहीं?
विमर्श वीथी

महिला ही क्यों हो रसोई की रानी, 'पुरुष महाराज' क्यों नहीं?

इस दौर में भी आखिर क्यों मछली जल की रानी है की तर्ज पर एक महिला को किचन की रानी बना दिया गया है, पुरुष क्यों नहीं 'रसोई...

मप्र में बाल विवाह की स्थिति और लाडो अभियान
विमर्श वीथी

मप्र में बाल विवाह की स्थिति और लाडो अभियान

मुख्य उद्देश्य -जनसमुदाय की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव के साथ बाल विवाह जैसी कुरीति को सामुदायिक सहभागिता से समाप्त कर...

अनोखी है उदिता योजना
विमर्श वीथी

अनोखी है उदिता योजना

उदिता योजना अंतर्गत किशोरी के मासिक धर्म संबंधी स्वास्थ्य को बढ़ावा दिया जााता हैं।

मप्र की महिलाओं में एनीमिया की स्थिति
विमर्श वीथी

मप्र की महिलाओं में एनीमिया की स्थिति

क्या आपको मालूम है कि देश की आधी आबादी भीतर से कमज़ोर है। उनके साथ आपके घर की सुबह होती है। वे आपके लिए चाय बनाती हैं, न...

कर्नाटक हाईकोर्ट : दूसरी महिला के साथ
अदालती फैसले

कर्नाटक हाईकोर्ट : दूसरी महिला के साथ लिव-इन में रहना शादी नहीं

हाई कोर्ट ने इसी के साथ दूसरी महिला और उसके बच्चों के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को भी रद्द कर दिया है। 

जबलपुर हाईकोर्ट :   'परंपरा' का हवाला देकर
अदालती फैसले

जबलपुर हाईकोर्ट :   'परंपरा' का हवाला देकर बहुविवाह को वैध नहीं ठहराया जा सकता

कोर्ट ने कहा कि ऐसे दावे के लिए ठोस साक्ष्य जरूरी हैं। केवल आदिवासी परंपरा का हवाला देकर किसी महिला को पति की संपत्ति या...

केरल हाईकोर्ट : बिना किसी ठोस आधार के
अदालती फैसले

केरल हाईकोर्ट : बिना किसी ठोस आधार के महिला के चरित्र पर कीचड़ उछालना सामाजिक हिंसा

अदालत ने यह भी कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण का मतलब यह नहीं है कि उन्हें संत बना दिया जाए।

इलाहाबाद हाईकोर्ट :  पति की मृत्यु के बाद एकतरफा
अदालती फैसले

इलाहाबाद हाईकोर्ट :  पति की मृत्यु के बाद एकतरफा तलाक के फैसले को रद्द नहीं किया जा सकता

हाईकोर्ट ने पाया कि पहली पत्नी ने डिक्री को चुनौती देने के लिए 30 साल से अधिक समय तक कोई कदम नहीं उठाया और यह आवेदन पति...

गुजरात हाईकोर्ट : बिना सहमति
अदालती फैसले

गुजरात हाईकोर्ट : बिना सहमति बच्चे को विदेश से लाना अवैध कस्टडी

कोर्ट ने 5 साल के बच्चे को कनाडा वापस भेजने के निर्देश दिए