ज़िन्दगीनामा

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शैला श्रीप्रकाश

वे पहली ऐसी भारतीय महिला हैं, जिन्होंने 1979 में उस समय वास्तुशिल्प का अपना काम ‘शिल्पा आर्किटेक्ट’ के नाम से शुरू किया, जब इस क्ष...

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सुभद्रा खापर्डे

वह मुश्किलों से भरा हुआ दौर था, सुभद्रा बीड़ी बनाकर गुजारा कर रही थीं। ‘प्रयोग’ से जुड़ उन्होंने आँगनबाड़ी कार्यकर्ता का प्रशिक्षण लि...

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गायत्री देवी परमार

स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व विधायक गायत्री देवी परमार हर समय महिलाओं की मदद के लिए तैयार खड़ी रहीं। आश्चर्य नहीं कि बुंदेलखंड में वे...

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विरासत में मिली सेवा की डोर को मजबूती से थामा अंजलि ने

बस से आते-जाते डेल्ही स्कूल ऑफ़ सोशल वर्क के भवन के सामने से गुजरते समय उनके मन में हर दिन यह ख्याल आता कि उन्हें समाज सेवा के क्षे...

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डॉ. रजनी भंडारी

जानी-मानी समाज सेविका डॉ. रजनी भंडारी थैलेसीमिया से पीड़ित साधनहीन परिवार के बच्चों के लिए उम्मीद की पहली किरण मानी जाती हैं।  उनका...

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कुसुम कुमारी जैन

‘अम्माँ ‘ के नाम से लोकप्रिय कुसुम जी सादा जीवन- उच्च विचार की जीती-जागती तस्वीर थीं। उनका जीवन गांधी जी के सिद्धांतों एवं विचारों...