ज़िन्दगीनामा


जिन्होंने प्रकाश स्तम्भ बनकर समाज का मार्गदर्शन किया 

मध्यप्रदेश में पुरुषों की तुलना में ऐसी महिलाएं कम नहीं रही हैं, जो हमारे लिए आज भी प्रकाश स्तम्भ का काम करती हैं।
एशिया की पहली महिला ट्रक ड्राइवर हो, देश के किसी बड़े कारोबारी घराने को अपनी ममतामयी छाँव देने वाली माँ हो
या फिर विस्थापितों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली योद्धा - ऐसी कई कई शख्सियतों से आप रूबरू होते हैं ज़िन्दगी-नामा में।

पूजा ओझा
ज़िन्दगीनामा

पूजा ओझा : लहरों पर फतह हासिल करने

पूजा ओझा : लहरों पर फतह हासिल करने वाली पहली दिव्यांग भारतीय खिलाड़ी
कृष्णा वर्मा उज्जैन
ज़िन्दगीनामा

मालवा की सांस्कृतिक धरोहर सहेज रहीं कृष्णा वर्मा

मालवा की सांस्कृतिक धरोहर सहेज रहीं कृष्णा वर्मा
अनन्या खरे
ज़िन्दगीनामा

नकारात्मक भूमिकाओं को यादगार बनाने वाली अनन्या खरे

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मालती इंदौरिया
ज़िन्दगीनामा

उम्र और निराशा को हराकर आसमान छूने वाली मालती इंदौरिया

उम्र और निराशा को हराकर आसमान छूने वाली मालती इंदौरिया
सुनीता भलावी
ज़िन्दगीनामा

बैसाखी के साथ बुलंद इरादों वाली सरपंच सुनीता भलावी

बैसाखी के साथ बुलंद इरादों वाली सरपंच सुनीता भलावी
कांता बहन त्यागी
ज़िन्दगीनामा

कांता बहन : जिनके जज़्बे ने बदल

कांता बहन : जिनके जज़्बे ने बदल दी आदिवासी लड़कियों की तक़दीर