बेसहारा वृद्धों और नशा पीड़ितों का सहारा बनी पन्ना जिले की डॉ. दुर्गा त्रिपाठी ने समाजसेवा के क्षेत्र में ऐसा उदाहरण पेश किया है, जो कई लोगों के लिए प्रेरणा बन चुका है। उन्होंने बेसहारा वृद्धों की देखभाल और नशे की लत से जूझ रहे लोगों को नई जिंदगी देने का बीड़ा उठाया है। वर्षों से वे वृद्धाश्रम और नशा मुक्ति केंद्र का संचालन कर जरूरतमंदों की सेवा कर रही हैं।
डॉ. दुर्गा समाजसेवा के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने कई सामाजिक कार्यों के जरिए एक आदर्श मिसाल पेश की है। पिछले 8 वर्षों से वे एक वृद्धाश्रम का संचालन कर रही हैं, जहां लगभग 25 बेसहारा वृद्ध रह रहे हैं। यहाँ वृद्धों को रहने, भोजन और देखभाल की सुविधा दी जाती है।
इतना ही नहीं, उन्होंने एक नशा मुक्ति केंद्र भी स्थापित किया है, जो करीब 10 वर्षों से संचालित हो रहा है। इस केंद्र में नशे की लत से जूझ रहे लोगों को रखा जाता है और विभिन्न गतिविधियों, परामर्श और देखभाल के माध्यम से उन्हें नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया जाता है।
शुरुआती पढ़ाई पन्ना से करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने बाहर जाकर उच्च शिक्षा हासिल की और सागर विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय हैदराबाद और दिल्ली विश्वविद्यालय में भी शोध कार्य किया। इसके बाद विश्वविद्यालय में अध्यापन कार्य किया और बाद में निजी कॉलेजों में प्राचार्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। साथ ही उन्होंने साक्षरता मिशन जैसे सामाजिक अभियानों में भी करीब सात वर्षों तक सक्रिय भूमिका निभाई।
सन्दर्भ स्रोत/छाया : ईटीवी भारत
सम्पादन : मीडियाटिक डेस्क



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