गायत्री जी के जीवन में महादेवी जी और विद्यापीठ का महत्त्वपूर्ण स्थान था। विद्यापीठ की ओर से वे सभा- समारोह में राष्ट्रीय गीत आदि ग...
डॉ. तापसी नागराज, सुगम संगीत के क्षेत्र एक जाना माना नाम है। गायन के प्रति उनके रुझान को बहुत छोटी उम्र में माता पिता ने पहचान लिय...
अपनी कोमल और सुरीली गायकी से लोगों को मंत्रमुग्ध करने वाली सुहासिनी जोशी आज किसी परिचय की मोहताज नही हैं। बचपन से ही लता मंगेशकर क...
भूरी बाई मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के मोरी बावड़ी इलाके में स्थित पिटोल गाँव की निवासी हैं। वे पिथौरा चित्रकारी में पारंगत भील समुदा...
भारत bhavan में किसी कलाकार ने उन्हें कागज़ दिया तो उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि वे कागज़ के बजाय दीवार पर काम करेंगीं। उन्होंने...
मध्यप्रदेश का उत्तर पूर्वी इलाका विंध्य प्रदेश कहलाता है और बघेली यहाँ की लोक भाषा है। इस भाषा में गायन को नया मुकाम देने वाली स...

