महिला की तलाक की अर्जी नामंजूर की
महिला ने कहा कि वह अपने पति के साथ रहना चाहती है, लेकिन उसे डर है कि उसके परिवार वाले उनकी जिंदगी में 'अनुचित और अवैध हस्तक्षेप' क...
कोर्ट ने कहा : अस्थायी इनकम पर्याप्त नहीं; सिलाई करने वाली महिला पति से अलग रह रही थी
हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि हिन्दू विवाह अधिनियम के तहत जीवन साथी के जीवित रहते किया गया विवाह शून्य माना जात...
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि महिला द्वारा लगाए गए रेप और क्रूरता के आरोप सीआरपीसी की धारा 220 के तहत एक ही लेन-देन का हिस्सा हैं।
कोर्ट ने कहा कि पति के परिवार से संबंध तोड़ने के लिए पत्नी का दबावपूर्ण व्यवहार निश्चित रूप से क्रूरता है और तलाक का आधार है।

