कहा- प्रतिष्ठा खतरे में पड़ जाएगी
हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का 9 दिसंबर 2025 का आदेश रद्द कर दिया और धारा 14 के तहत छूट देते हुए पक्षकारों को एक वर्ष की अवधि पूरी हो...
कोर्ट ने यह दलील खारिज करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र की बच्ची का अपनी मां के साथ रहना किसी भी स्थिति में अवैध नहीं कहा जा सकता।
अदालत ने कहा -अगर सच जानने के लिए मोबाइल के मैसेज या कॉल रिकॉर्डिंग जरूरी हैं, तो उन्हें केवल प्राइवेसी के नाम पर खारिज नहीं किया...
अदालत ने कहा - तलाक के बाद भी पत्नी उस जीवन स्तर के अनुरूप जीवन जीने की हकदार है, जिस तरह विवाह के दौरान रहती रही है।
खंडपीठ ने कहा, जिस प्रकार कार्यस्थलों पर महिलाओं को मातृत्व संरक्षण मिलता है, उसी तरह शिक्षा ग्रहण कर रही महिलाओं को भी यह अधिकार...

