भारत में Life Expectancy Report (जीवन प्रत्याशा) यानी ज्यादा लंबी उम्र में लगातार सुधार हो रहा है। इसके पीछे Indian Healthcare सुविधाओं में बढ़ोतरी, रोग नियंत्रण और जीवन स्तर में सुधार प्रमुख वजह हैं। दुनिया के अधिकांश हिस्सों की तरह, भारत में भी महिलाएं पुरुषों से ज्यादा जीती हैं, लेकिन यह प्रगति का केवल एक मापदंड है। WHO Report India के अनुमान बताते हैं कि औसत भारतीय महिलाओं के जीवन का बड़ा समय बीमारी या विकलांगता में व्यतीत होता है। डब्ल्यूएचओ के अनुमानों के अनुसार भारतीय महिलाओं की औसत Women Life Expectancy India 69 वर्ष है, जबकि पुरुषों की 65.8 वर्ष। यानी महिलाएं औसतन तीन साल अधिक जीती हैं। लेकिन Healthy Life Expectancy के मामले में यह बढ़त लगभग खत्म हो जाती है।
महिलाओं का स्वस्थ जीवनकाल 58.3 वर्ष है, जबकि पुरुषों का 58 वर्ष। इसका मतलब है कि महिलाएं अपने जीवन के लगभग 10.7 वर्ष Poor Health Women यानी खराब स्वास्थ्य, बीमारी या विकलांगता के साथ बिताती हैं, जबकि पुरुषों के हिस्से में ऐसे 7.8 वर्ष आते हैं। यानी महिलाएं अपने जीवन का 15.5% हिस्सा खराब स्वास्थ्य में बिताती हैं, पुरुषों में यह अनुपात 11.9% है। यह चुनौती इसलिए भी गंभीर है क्योंकि भारत तेजी से वृद्ध समाज की ओर बढ़ रहा है। WHO Report India के अनुमान के मुताबिक 2050 तक देश में बुजुर्ग आबादी बढ़कर 21% होने का अनुमान है। ऐसे में केवल जीवन प्रत्याशा बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि Healthy Life Expectancy बढ़ाना स्वास्थ्य नीति की सबसे बड़ी कसौटी बनेगा।
भारतीय महिलाओं में खून की कमी बीमारी की वजह
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार 15-49 वर्ष आयु वर्ग की 57% भारतीय महिलाएं Anemia in Women (आम भाषा में खून की कमी) से पीड़ित हैं, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 25.1% है। यह बीमारी केवल थकान तक सीमित नहीं रहती, बल्कि स्वस्थ बच्चे पैदा करने की क्षमता, रोग प्रतिरोधक शक्ति और बढ़ती उम्र में होने वाली बीमारियों पर भी गहरा असर डालती है।
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सन्दर्भ स्रोत : दैनिक भास्कर



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