पढ़ाई को रुचिकर बनाने वाली

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शिक्षिकाओं का राष्ट्रपति ने किया सम्मान

• महामहिम राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रदान किया राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार

भोपाल। शिक्षक दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के पांच शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2023 से नवाजा गया।  ख़ास बात यह है कि इनमें तीन महिला शिक्षक शामिल हैं।  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में नर्मदापुरम की सारिका घारू, इंदौर की चेतना खांबेटे और रतलाम की सीमा अग्निहोत्री को पुरस्कार प्रदान किया। उल्लेखनीय है कि शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान एवं शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करते हुए छात्रों के जीवन को समृद्ध बनाने के लिए यह सम्मान प्रदान किया जाता है।

सारिका घारू: विज्ञान का ज्ञान देकर बच्चों को दे रहीं दिशा

सारिका एक शिक्षक के साथ ही विज्ञान प्रसारक के रूप में अपने विद्यालय, ग्राम तथा जिले के साथ ही प्रदेश के अनेक स्थानों पर बच्चों, महिलाओं, जनजातीय वर्ग के बीच जागरूकता गतिविधियां करती आ रही हैं। अपने गीतों के माध्यम से अनेक समसामयिक वैज्ञानिक संदेशों को रोचक तरीके से पहुंचाने के लिये सारिका ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। नर्मदापुरम के पिपरिया स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की शिक्षिका सारिका घारू ने जनजातीय छात्रों का नामांकन बढ़ाने के लिए अपनी कक्षा को मस्ती की पाठशाला बनाया। इनके परिश्रम से विद्यालय के जनजातीय छात्रों ने कई पुरस्कार प्राप्त किए हैं। बच्‍चों तथा आम लोगों को आसमान की सैर कराने का ऐसा जुनून की अवकाश के दिन भी आराम सारिका नहीं किया। ये सिलसिला विगत 10 सालों से चल रहा है। बच्चों को खगोल विज्ञान का ज्ञान देने अपने स्‍कूल तथा आसपास के 100 किमी परिधि के ग्रामों तक सफर कर अपने खर्च पर जागरूकता गतिविधियां करती हैं। वैज्ञानिक ज्ञान देना ही अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया है। सारिका को इसके पहले विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार द्वारा बच्चों के बीच विज्ञान लोकप्रियकरण में विशेष प्रयासों के लिए 2017 के नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा मध्य प्रदेश स्‍कूल शिक्षा विभाग का राज्‍य स्‍तरीय शिक्षक सम्मान 2022 तथा मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद भोपाल द्वारा दिया जाने वाला राज्य स्तरीय- मध्य प्रदेश विज्ञान प्रतिभा सम्मान 2015 सहित अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।

चेतना खांबेटे: जीव विज्ञान को रुचिकर बनाने नवाचार के साथ दे रहीं शिक्षा

 

इंदौर के केंद्रीय विद्यालय नंबर 2, बीएसएफ की शिक्षिका चेतना खांबेटे 18 वर्षों से रुचिकर तरीके से जीव विज्ञान का अध्यापन करा रहीं हैं। इन्होंने विज्ञान प्रयोगशाला के लिए 3-डी मॉडल और इंटरएक्टिव शिक्षण सामग्री विकसित की हैं। चेतना को इसके पहले शिक्षक उत्कृष्टता पुरस्कार, केवीएस राष्ट्रीय प्रोत्साहन पुरस्कार, क्षेत्रीय प्रोत्साहन पुरस्कार, केवीएस डीएसटी विज्ञान शिक्षक पुरस्कार और शिक्षक सम्मान सहित अनेक पुरस्कार मिल चुके हैं। खांबेटे ने शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण और नवाचार को गति दी है। जीव विज्ञान में एक उत्कृष्ट शिक्षिका के रूप में केंद्रीय विद्यालयों में उनकी यात्रा प्रेरणा स्रोत बन गई है। वे सोलापुर से होते हुए इंदौर तक पहुंची जहां पिछले दस वर्षों से अपनी सेवाएं दे रही हैं। शिक्षा को समर्पित गैर सरकारी संगठन एकलव्य के साथ उनकी भागीदारी ने उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने में सक्षम बनाया है। उन्होंने एचएसटीपी, सवालीराम, चकमक क्लब और विज्ञान प्रशिक्षण जैसी पहल माध्यम से लगातार पारंपरिक शिक्षण को आगे बढ़ाया है। एपीयू बेंगलुरु द्वारा आयोजित आईआईएसईआर मोहाली में एक विज्ञान संगोष्ठी में एक शोध पत्र की प्रस्तुति से शिक्षा जगत के प्रति उनका समर्पण उजागर हुआ। उनके इसी समर्पण के कारण ही राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में केंद्रीय विद्यालय के कई छात्रों का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक कांग्रेस में शोध परियोजनाओं में चयन हुआ।

सीमा अग्निहोत्री: विद्यार्थियों की पढ़ाई में रुचि के लिए तकनीक का प्रयोग कर शिक्षा को आनन्दमयी बनाया

रतलाम के सीएम राइज शासकीय विनोबा उच्चतर माध्यमिक शाला की सीमा अग्निहोत्री को सूचना प्रोद्योगिकी के माध्यम से शिक्षण सामग्री को आनंदमय बनाने के लिए सम्मानित किया गया। अपनी कक्षा में आनंदमई शिक्षा का माहौल बनाने के लिए इन्होंने आईसीटी की मदद से टीचिंग लर्निंग मटेरियल तैयार किया। शिक्षा को रुचिकर बनाने के लिए उन्होंने समुदाय को शामिल कर कहानी पढ़ने, समाचार पत्र लेखन, नाटक और नृत्य प्रतियोगिताएं आयोजित की हैं। अपने विद्यार्थियों को बेहतर समझने के लिए उन्होंने विद्यार्थियों का पोर्टफोलियो तैयार किया था । इस नवाचार को भारत सरकार ने सराहा और बतौर शिक्षिका उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। इनके यूट्यूब चैनल से  40000 से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिल रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार के लिए उन्हें वर्ष 2021 में राज्य शिक्षक पुरस्कार सहित कई पुरस्कार मिल चुके हैं।

सन्दर्भ स्रोत:  हिन्दुस्थान समाचार

संपादन: मीडियाटिक डेस्क  

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