मध्यप्रदेश के भोपाल जिले के ग्राम बरखेड़ा बोंदर की महिला किसान लक्ष्मीबाई कुशवाह ने आधुनिक खेती अपनाकर एक नई मिसाल कायम की है। पहले वे धान, सोयाबीन और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों पर निर्भर थीं, जहां मेहनत ज्यादा और मुनाफा सीमित था। वर्ष 2021-22 में उन्होंने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं की मदद से संरक्षित खेती यानी पॉलीहाउस तकनीक अपनाने का निर्णय लिया।
पॉलीहाउस तकनीक से बदली किस्मत
लक्ष्मीबाई ने लगभग 3000 वर्गफीट क्षेत्र में पॉलीहाउस स्थापित किया, जिसकी कुल लागत करीब ₹25.32 लाख रही। इसमें सरकार द्वारा लगभग ₹12.66 लाख का अनुदान मिला, जिससे उनकी शुरुआती लागत काफी कम हो गई। पॉलीहाउस तकनीक की मदद से उन्होंने मौसम की अनिश्चितताओं से बचते हुए उच्च गुणवत्ता वाले फूलों का उत्पादन शुरू किया।
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तीन पॉलीहाउस तक पहुंचा विस्तार
शुरुआत में एक पॉलीहाउस से शुरू हुई यह पहल आज तीन पॉलीहाउस तक पहुंच चुकी है। अब वे गुलाब सहित कई प्रकार के फूलों की खेती कर रही हैं। कट फ्लॉवर की बाजार में बढ़ती मांग ने उनके व्यवसाय को तेजी से आगे बढ़ाया है। लक्ष्मीबाई के खेत में प्रतिदिन लगभग 3000 से 4000 कट फ्लॉवर तैयार होते हैं। इनकी सप्लाई भोपाल, इंदौर और अन्य बड़े शहरों के बाजारों तक की जाती है। इससे उन्हें प्रतिदिन ₹10,000 से ₹12,000 तक की आय हो रही है, जबकि मासिक आय ₹3 से ₹4 लाख तक पहुंच गई है।
तकनीक और मार्गदर्शन बना सफलता का मंत्र
लक्ष्मीबाई बताती हैं कि पारंपरिक खेती में जहां लाभ सीमित था, वहीं पॉलीहाउस तकनीक अपनाने से उनकी आमदनी में कई गुना वृद्धि हुई। उद्यानिकी विभाग के सहयोग और सही प्रशिक्षण ने उन्हें आधुनिक खेती के हर पहलू को समझने में मदद की। आज लक्ष्मीबाई न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हैं, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं और किसानों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
सन्दर्भ स्रोत/छाया : कृषक जगत



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