केले के रेशों से बुरहानपुर की महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर

blog-img

केले के रेशों से बुरहानपुर की महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर

बुरहानपुर में स्व-सहायता समूह की 10 महिलाएं फिलहाल सेनेटरी पैड के निर्माण और मार्केटिंग से जुड़ी हैं। इसके अलावा 25 महिलाओं को केरल में विशेष प्रशिक्षण दिया गया, जहां उन्होंने केले के रेशों से पैड बनाना और उन्हें बाजार में बेचना सीखा। बाद में केरल से प्रशिक्षित टीम बुरहानपुर आई और यहां की महिलाओं को भी प्रशिक्षण दिया।

जिले में केले की बड़े पैमाने पर खेती होती है। लगभग 23 हजार हेक्टेयर में केले की पैदावार होती है, जिससे काफी मात्रा में फाइबर उपलब्ध हो जाता है। पहले यह फाइबर बेकार चला जाता था, लेकिन अब इसी से महिलाएं उपयोगी उत्पाद बना रही हैं।

ये भी पढ़िए ...

फूलो की खेती से लाखो की कमाई कर रही लक्ष्मीबाई

फिलहाल महिलाएं केरल से आधे तैयार पैड मंगवाकर उन्हें स्थानीय स्तर पर पूरा करती हैं। इसके बाद वे गांव-गांव जाकर महिलाओं को ईको-फ्रेंडली सेनेटरी पैड के फायदे बताती हैं। अब तक करीब 2 हजार पैड की बिक्री हो चुकी है।

इन पैड्स की खास बात यह है कि ये रीयूजेबल (दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले) हैं और करीब 3 साल तक चल सकते हैं। इनमें किसी तरह का प्लास्टिक या हानिकारक केमिकल नहीं होता, जिससे संक्रमण का खतरा भी कम रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार, केले के रेशों में सोखने की क्षमता अधिक होती है। वहीं सामान्य सेनेटरी पैड्स में प्लास्टिक और केमिकल का इस्तेमाल होता है, जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। इसके विपरीत, केले के फाइबर से बने पैड पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल हैं। 

सन्दर्भ स्रोत/छाया : ईटीवी

सम्पादन : मीडियाटिक डेस्क  

Comments

Leave A reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *



खेत से सियासत तक: गुड्डी बाई आदिवासी
न्यूज़

खेत से सियासत तक: गुड्डी बाई आदिवासी , बनीं सहरिया विकास परिषद की अध्यक्ष

ईमानदारी की मिसाल बनीगुड्डी बाई मप्र सरकार ने सहरिया विकास परिषद का अध्यक्ष बनाते हुए कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया है।

आईटीआई में बदलती सोच, महिलाएं बन
न्यूज़

आईटीआई में बदलती सोच, महिलाएं बन , रही ट्रैक्टर मैकेनिक और इलेक्ट्रिशियन

इंडस्ट्री में बढ़ी महिला टेक्नीशियन की मांग, बेटियां सीख रही नई स्किल्स

सिवनी की नौशीन का हॉकी एशिया कप कैंप में चयन
न्यूज़

सिवनी की नौशीन का हॉकी एशिया कप कैंप में चयन

कभी टूटी हॉकी स्टिक से मैदान पर खेलने वाली नौशीन का दुनिया जीतने का सफर शुरू

गरीबी से सफलता तक: मध्यप्रदेश की
न्यूज़

गरीबी से सफलता तक: मध्यप्रदेश की , भगवती देवी बनीं ट्रैक्टर उद्यमी

हरदोली गांव की महिला ने दिखाया संघर्ष और आत्मनिर्भरता का रास्ता

महिलाओं की संस्था 'सकारात्मक सोच'
न्यूज़

महिलाओं की संस्था 'सकारात्मक सोच' , ने बदली स्कूल और आंगनवाड़ी की तस्वीर

शिक्षा और पर्यावरण में योगदान- स्कूलों में अब वाटर कूलर, पंखे, एलईडी के साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग भी

नो केमिकल हर्बल प्रोडक्ट से बीमारियों से
न्यूज़

नो केमिकल हर्बल प्रोडक्ट से बीमारियों से , सुरक्षा उज्जैन की छात्राओं का अनोखा नवाचार

उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की छात्राओं ने बनाया हर्बल प्रोडक्ट, डेली यूज की चीजें, खाने पीने के सामान क...