पैरा-ताईक्वांडो ओपन : सपना शर्मा ने जीता स्वर्ण  

blog-img

पैरा-ताईक्वांडो ओपन : सपना शर्मा ने जीता स्वर्ण  

 

इंदौर शहर की पैरा- ताईक्वांडो खिलाड़ी सपना शर्मा ने यूनाइटेड किंगडम में आयोजित पैरा ताइक्वांडो ओपन स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। स्पर्धा में 12 देशों के 70 खिलाड़ियों ने भाग लिया। सपना इस टूर्नामेंट के लिए लंबे समय से तैयारी कर रही थीं। इसके पहले वे राष्ट्रीय स्तर पर भी कई गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। सपना ने बताया, वे तीन साल की उम्र से ही दोनों पैरों से दिव्यांग हैं, लेकिन कभी हार नहीं मानी। बचपन से ही स्पोर्ट्स में कॅरियर बनाने की इच्छा रखने वाली सपना को उनके माता-पिता और पति का पूरा सहयोग मिला। पति संदीप ने उन्हें ताईक्वांडो का प्रशिक्षण दिलवाया, जिससे उन्होंने देश के लिए पदक जीता। वे ताईक्वांडो के अलावा टेबल टेनिस में भी देश के लिए पदक जीत चुकी हैं। इसके अलावा गोवा में आयोजित ब्यूटी पेजेंट में बेस्ट दिव्यांग मॉडल का खिताब जीत चुकी हैं।

सन्दर्भ स्रोत : विभिन्न वेबसाइट

Comments

Leave A reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *



सातवीं पास संजो बघेल बनीं आल्हा गायकी की मिसाल
न्यूज़

सातवीं पास संजो बघेल बनीं आल्हा गायकी की मिसाल

पुरुष प्रधान गीत गाकर हासिल किया नया मुकाम. उस क्षेत्र में अपना दखल दिया है जहां पुरुषों का वर्चस्व हुआ करता था.

इंदौर की विनीता  ने चीन जाकर खड़े किए बिज़नेस के नए अवसर
न्यूज़

इंदौर की विनीता  ने चीन जाकर खड़े किए बिज़नेस के नए अवसर

उनके प्रभावशाली विचारों से प्रभावित होकर, उन्हें अगली बार चीन में एक स्पेशल गेस्ट के रूप में आमंत्रित किया गया है।

न्याय व्यवस्था में महिलाओं की
न्यूज़

न्याय व्यवस्था में महिलाओं की , कमी पर CJI सूर्यकांत का कड़ा रुख

सभी हाई कोर्ट के जजों को लिखा पत्र- हाईकोर्ट कॉलेजियम को महिला जजों की नियुक्ति को अपवाद के तौर पर नहीं, बल्कि सामान्य न...

सरपंच साक्षी बनीं FD दीदी, गांव की
न्यूज़

सरपंच साक्षी बनीं FD दीदी, गांव की , बिटिया को देतीं 1100 की फिक्स डिपोजिट

बेटियों के जन्म पर बजते हैं ढोल नगाड़े, तीन साल में 26 बेटियों का सुरक्षित भविष्य

मजदूर से लखपति बनी आशा ने बदली  
न्यूज़

मजदूर से लखपति बनी आशा ने बदली   , महिलाओं की जिंदगी, बनाया आत्मनिर्भर

जहां पहले वह सिर्फ खेतों में काम किया करती थी, आज करीब 200 महिलाओं के रोजी रोटी का साधन बनी हैं

400 से ज्यादा बच्चों का सहारा बनी उज्जैन की ‘मां’ कांता गोयल
न्यूज़

400 से ज्यादा बच्चों का सहारा बनी उज्जैन की ‘मां’ कांता गोयल

जाति-धर्म से ऊपर मानवता की मिसाल . बच्चों को मिल रहे संस्कार और उज्ज्वल भविष्य की राह