शुभांगी अत्रे

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शुभांगी अत्रे

छाया: पीपिंगमून हिंदी डॉट कॉम

प्रतिभा- टेलीविजन, सिनेमा और रंगमंच

टीवी धारावाहिक ‘भाभी जी घर पर हैं’ में अंगूरी भाभी नाम से मशहूर हुईं शुभांगी अत्रे का जन्म 11 अप्रैल, 1981 को पचमढ़ी में हुआ। उनके पिता रूपनारायण अत्रे लोक निर्माण विभाग में कार्यरत थे। शुभांगी की पढ़ाई बाल निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय, इंदौर से हुई और इंदौर के ही होलकर साइंस कॉलेज से उन्होंने एमबीए की पढ़ाई की। उन्हें बचपन से ही नृत्य और अभिनय में गहरी दिलचस्पी रही। वे एक प्रशिक्षित कथक और ओडिसी नर्तक हैं। बहुत छोटी सी उम्र में उन्होंने मन बना लिया था, कि उन्हें अभिनेत्री बनना है। उनका काफी वक़्त कॉलेज के बजाय सपना-संगीता टॉकीज़ में गुजरता था।

भाभी जी……. के बारे में शुभांगी बताती हैं कि एक दर्शक के तौर पर वे इस शो को पहले भी देखती थीं। इसी दौरान उन्हें पता चला कि अंगूरी का किरदार निभाने वाली शिल्पा शिंदे शो छोड़ रहीं हैं। संयोग से उन्हें इस भूमिका के लिए आमंत्रित किया गया और उन्होंने मुंबई जाकर ऑडिशन दे दिया। ऑडिशन के बाद कुछ दिनों तक उन्हें कोई खबर नहीं मिली कि वे चुनी गईं या नहीं। एक संक्षिप्त अंतराल के बाद उन्हें लुक टेस्ट के लिए बुलाया गया और वे सफल रहीं।  भाभी जी की भूमिका के लिए शुभांगी को अपना वजन 4 किलो तक बढ़ाना पड़ा। दरअसल जब शिल्पा शिंदे ने यह शो छोड़ा था तब शुभांगी काफ़ी दुबली पतली थीं। लेकिन शो की मांग थी कि वे थोड़ी मोटी दिखें।

यह भी एक संयोग ही था कि शुभांगी ने उन्हें दूसरी बार शिल्पा शिंदे की जगह काम किया। पहली बार उन्होंने सब टीवी पर प्रसारित धारावाहिक “चिड़िया घर” में शिल्पा की जगह ली थी। ‘भाभी जी…’ से पहले शुभांगी ने ‘दो हंसों का जोड़ा’, ‘कस्तूरी’, ‘चिड़िया घर’, कसौटी जिंदगी की, करम अपना-… अपना, कुमकुम, हवन, सावधान इंडिया, अधूरी कहानी हमारी…और गुलमोहर ग्रैंड जैसे टीवी धारावाहिकों में काम किया। अंगूरी भाभी के रूप में उन्होंने गांव की सीधी- सादी घरेलू महिला का किरदार निभाया। वैसे शुभांगी के करियर की शुरुआत 2007 में सीरियल ‘कसौटी जिंदगी की’ से हुई थी, जिसमें उन्होंने पलछिन वर्मा की भूमिका अदा की थी।

शुभांगी की शादी महज 19 साल की उम्र में व्यवसायी पीयूष पूरे से हो गई थी। दरअसल शुभांगी और पीयूष साथ में ही बड़े हुए और एक-दूसरे को 10वीं क्लास से जानते थे। लेकिन स्कूल के दिनों तक उनके बीच कुछ नहीं था। शुभांगी के कॉलेज में दाख़िला लेने के बाद अचानक एक दिन पीयूष ने उनसे शादी के बारे में पूछा और उन्होंने हामी भर दी। उनकी मुलाक़ातों का सिलसिला तक़रीबन तीन साल तक चलता रहा, लेकिन वे घर वालों को बताने से डरते रहे। एक दिन दोस्तों के सामने दोनों ने पहले अदालत में,  फिर मंदिर में शादी की और परिजनों को बताया। पहले तो वे सब हैरान हुए, लेकिन जल्द ही दोनों परिवारों ने उनका रिश्ता मंजूर कर लिया।

शुभांगी को लगता था कि वे मुंबई जाकर अपना सपना पूरा कर सकती हैं लेकिन वहां पहुँचने पर उन्हें बताया गया, कि शादीशुदा महिलाओं को हिरोइन मटेरियल यानी अभिनेत्री बनने के लायक नहीं नहीं माना जाता है। शुभांगी अपने संकल्प पर अडिग रहीं और उन्हें उनके पति और परिजनों का भरपूर समर्थन मिला। शुभांगी और पीयूष की 14 साल की एक बेटी है, जिसका नाम आशी है और वही शुभांगी की सबसे बड़ी आलोचक – समीक्षक है। शुभांगी ने मिस मध्यप्रदेश 2003 का ख़िताब जीता है।

संदर्भ स्रोत : एशियानेट न्यूज़, स्टार्स अनफ़ोल्डेड डॉट कॉम, एबीपी लाइव और पत्रिका

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