दृष्टिबाधा को मात देकर इतिहास रचने वाली

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दृष्टिबाधा को मात देकर इतिहास रचने वाली
दुर्गा येवले को प्रधानमंत्री ने किया सम्मानित

बैतूल। पहले टी-20 ब्लाइंड महिला वर्ल्ड कप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर टीम इंडिया को विश्व विजेता बनाने में मुख्य भूमिका निभाने वाली ब्लाइंड क्रिकेटर दु‌र्गा येवले ने बैतूल ही नहीं, पूरे मध्यप्रदेश और देश का नाम अन्तराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। ऐतिहासिक सफलता हासिल करने वाली दुर्गा बैतूल जिले की भैंसदेही तहसील अंतर्गत रॉक्सी ग्राम के गौली ढाना की निवासी है। अपने गांव में प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद दुर्गा ने निशक्त बालिका छात्रावास सदर बैतूल में पढ़ाई की थी।

सर्वशिक्षा अभियान द्वारा संचालित निशक्त बालिका छात्रावास में मिला मार्गदर्शन और प्रेरणा दुर्गा की ऐतिहासिक सफलता में मील का पत्थर साबित हुआ। वर्ल्डकप विजेता महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम की एतिहासिक सफलता पर दुर्गा येवले स‌हित अन्य महिला खिलाड़ियो को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई देकर सम्मानित किया। 

चुनौतियों से मुकाबला 

भैंसदेही तहसील के रॉक्सी ग्राम निवासी झब्बू येवले एवं श्रीमती गौरा येवले की बेटी ने दृष्टि‌बाधित होनें से अनेक चुनौतियों का सामना किया। लेकिन शिक्षकों से मिले मार्गदर्शन और प्रेरणा से उसने चुनौतियों का मुकाबला कर ऐतिहासिक सफलता हासिल की। दुर्गा के मुताबिक निशक्त बालिका छात्रावास बैतूल में कक्षा 7 वीं एवं 8 वीं में पढ़ाई के दौरान वहां के माहौल से उसका आत्मविश्वास और हिम्मत बढ़ गई थी। जिससे ब्लाइंड स्कूल पाढर और महेश दृष्टिहीन कल्याण संघ छात्रावास में पढ़ाई के दौरान बहुत मदद मिली।

निशक्त बालिका छात्रावास सदर बैतूल की, तात्कालीन अधीक्षिका वर्तमान में अस्थि बाधितार्थ बालक उमावि बाल ग्रह बैतूल की प्रभारी अधीक्षक डॉ. सीमा भदोरिया के मुताबिक वर्ष 2013-14 एवं 2014- 15 में कुमारी दु‌र्गा येवले ने निशक्त बालिका छात्रावास बैतूल में रहकर कक्षा 7 वी एवं 8 वीं की पढ़ाई की थी। छात्रावास में निवासरत दिव्यांग बच्चियों को पढ़ाई के साथ जीवन कौशल, व्यवसायिक कौशल, खेलकूद सहित अन्य विधाओ का प्रशिक्षण दिया जाता था। जिससे दिव्यांग बेटियों का आत्मविश्वास बढ़ता था।

डॉ. सीमा भदौरिया के मुताबिक कुमारी दुर्गा मेधावी छात्रा थी। कक्षा 8वीं के बाद उसे ब्लाइंड स्कूल पाढर फिर इन्दौर की संस्था में पढ़ने के लिए सतत मार्गदर्शन दिया गया। महेश दृष्टिहीन कल्याण संघ छात्रावास इंदौर में पढ़ाई के दौरान क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन एमपी के अध्यक्ष सोनू गोलकर ने दुर्गा की प्रतिभा को पहचाना और जिला स्तरीय ब्लाइंड टीम में मौका दिया। दुर्गा के उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते उसे प्रदेश स्तरीय एवं राष्ट्रीय टीम में चयनित किया गया। वर्ष 2023 में बंगलौर, 2024 में हुबली और 2025 में केरल में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाली बैतूल की बेटी दुर्गा येवले को भारतीय टीम में चयनित कर टी 20 ब्लाइंड वर्ल्ड कप के लिए सिलेक्ट किया गया जहां उत्कृष्ट प्रदर्शन कर दुर्गा ने टीम इंडिया को विश्व विजेता बनाकर इतिहास रच दिया। 

सन्दर्भ स्रोत एवं छाया : देशबन्धु

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