निशानेबाज वंशिका तिवारी का सीनियर वर्ल्ड कप के लिए चयन हुआ है। जानिए कैसे एक आकस्मिक मौके ने उनकी जिंदगी बदल दी और अब वह जल्द ही कजाकिस्तान में आयोजित होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
बहन की जगह मिला मौका, बदल गई जिंदगी
वंशिका तिवारी का शूटिंग करियर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। करीब चार साल पहले, जब मध्य प्रदेश शूटिंग अकादमी में ट्रायल चल रहे थे, तब उनकी बड़ी बहन इसमें हिस्सा लेने पहुंची थीं। लेकिन उम्र सीमा अधिक होने के कारण उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। ऐसे में वंशिका के पिता ने साहसिक फैसला लेते हुए फॉर्म में बड़ी बेटी का नाम काटकर वंशिका का नाम दर्ज कर दिया। खास बात यह थी कि उस समय वंशिका ने कभी शूटिंग की ट्रेनिंग नहीं ली थी।
पहली बार में ही दिखाई असाधारण प्रतिभा
जब वंशिका पहली बार फायरिंग लाइन पर उतरीं, तो सभी हैरान रह गए। अकादमी के अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने शॉटगन को इतने आत्मविश्वास के साथ संभाला, जैसे वह पहले से प्रशिक्षित हों। बिना किसी अनुभव के उनकी सटीकता और एकाग्रता ने कोचों को प्रभावित किया और उसी दिन उनका चयन हो गया।
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जूनियर से सीनियर वर्ल्ड कप तक का सफर
इसके बाद वंशिका ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। लगातार मेहनत और समर्पण के दम पर उन्होंने शूटिंग में अपनी मजबूत पहचान बनाई। आज वह पिस्टल इवेंट में विशेषज्ञता हासिल कर चुकी हैं और कई जूनियर प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं। अब उनका चयन सीनियर वर्ल्ड कप के लिए होना न केवल उनके लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
प्रेरणा बनी वंशिका की कहानी
वंशिका तिवारी की यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि सही समय पर मिला एक मौका और दृढ़ संकल्प इंसान की किस्मत बदल सकता है। उनकी कहानी युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करती है।



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