क्रिकेटर बनने के लिए कर रहीं संघर्ष शहडोल की आशी

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क्रिकेटर बनने के लिए कर रहीं संघर्ष शहडोल की आशी

शहडोल को आज ‘गर्ल्स क्रिकेट नर्सरी’ के रूप में पहचान मिल रही है। यहां कई लड़कियां क्रिकेट में अपना भविष्य बनाने के लिए मेहनत कर रही हैं। आशी सोनी भी उन्हीं में से एक हैं, जो लगातार अपने खेल को निखारने में जुटी हैं।

15 वर्षीय आशी सोनी आज संघर्ष और जुनून की मिसाल बन चुकी हैं। एक साधारण परिवार से आने वाली आशी का सपना है भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए खेलना और इसके लिए वह हर दिन करीब 100 किलोमीटर का सफर तय कर रही हैं।

ट्रक ड्राइवर की बेटी का जुनून बना मिसाल

आशी के पिता ट्रक ड्राइवर हैं और मां गृहिणी हैं। सीमित आय के बावजूद परिवार ने कभी उनकी राह में आर्थिक बाधा नहीं बनने दी। उनकी बड़ी बहन भी उनका पूरा साथ देती हैं। परिवार का यही सहयोग आशी को लगातार आगे बढ़ने की ताकत देता है।

आर्थिक तंगी के बावजूद नहीं रुकी मेहनत

आशी जयसिंहनगर से शहडोल तक रोजाना बस और ऑटो से सफर करती हैं। एक तरफ का सफर करीब 45 से 50 किलोमीटर है। आने-जाने में ही उन्हें लगभग 3 घंटे लग जाते हैं। इसके बाद वह कई घंटों तक मैदान में प्रैक्टिस करती हैं। सुबह के सेशन के लिए उन्हें सुबह 7 बजे घर से निकलना पड़ता है और दोपहर बाद घर लौटती हैं। वहीं, शाम के सेशन के दौरान वह रात 9 बजे तक घर पहुंच पाती हैं।

इस पूरे सफर में रोजाना करीब 200 रुपए खर्च होते हैं। बस और ऑटो का किराया मिलाकर यह खर्च एक साधारण परिवार के लिए काफी बड़ा है। लेकिन आशी का कहना है कि वह अपने सपने के लिए हर मुश्किल का सामना करने को तैयार हैं।

 

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क्रिकेट से ऐसे शुरू हुआ सफर

आशी को शुरुआत में क्रिकेट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। जयसिंहनगर के कॉलेज ग्राउंड में स्पोर्ट्स टीचर और कोच के मार्गदर्शन में उन्होंने खेलना शुरू किया। यहीं से उनके अंदर क्रिकेट के प्रति जुनून पैदा हुआ। उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें शहडोल ट्रायल के लिए भेजा गया, जहां चयन के बाद उन्होंने क्रिकेट अकादमी जॉइन कर ली।

अंडर-15 से आगे बढ़ने की तैयारी, टीम इंडिया है लक्ष्य

उनके कोच कहते हैं कि आशी में एक खास हुनर है। उनके अनुसार, आशी का खेल और समर्पण उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है। यदि वह इसी तरह मेहनत करती रहीं, तो आने वाले समय में बड़ी क्रिकेटर बन सकती हैं।

आशी, पूजा वस्त्रकर को अपना रोल मॉडल मानती हैं। वह भी उसी तरह भारतीय टीम तक पहुंचना चाहती हैं और देश का नाम रोशन करना चाहती हैं। आशी इस समय अंडर-15 डिवीजन टीम में खेल रही हैं और मध्य प्रदेश बोर्ड का प्रतिनिधित्व भी कर चुकी हैं। वह दाएं हाथ की बल्लेबाज हैं और स्पिन गेंदबाजी भी करती हैं। लगातार अभ्यास के कारण उनके खेल में तेजी से सुधार हो रहा है।

 सन्दर्भ स्रोत एवं छाया : ईटीवी भारत

सम्पादन : मीडियाटिक डेस्क

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