खंडवा की महिलाओं ने सहजन  से खड़ा किया लाखों का कारोबार

blog-img

खंडवा की महिलाओं ने सहजन  से खड़ा किया लाखों का कारोबार

खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के छोटे से खेड़ी गांव की महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि हौसला, मेहनत और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो एक साधारण पेड़ भी आर्थिक क्रांति की वजह बन सकता है। सहजन (मोरिंगा/सुरजना फली), जिसे कभी सामान्य पौधा समझा जाता था, आज गांव की महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन चुका है।

आज ये महिलाएं सहजन से जुड़े विभिन्न उत्पाद बनाकर न केवल स्थानीय बाजार बल्कि देश के कई बड़े शहरों तक अपनी पहचान बना रही हैं।

मोरिंगा की बढ़ती मांग ने बदली किस्मत

ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी अंतिम पटेल और उनकी टीम ने बाजार में मोरिंगा पाउडर की बढ़ती मांग को देखते हुए इसे व्यवसाय का रूप देने का निर्णय लिया। शुरुआत खेती से हुई, लेकिन बाद में महिलाओं ने प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग का काम भी संभाल लिया।

महिलाएं खेतों से सहजन की पत्तियां तोड़कर उन्हें साफ करती हैं, धूप में सुखाती हैं और बिना किसी रासायनिक पदार्थ के शुद्ध मोरिंगा पाउडर तैयार करती हैं। यह पाउडर आज नेचुरल हेल्थ सप्लीमेंट के रूप में बाजार में लोकप्रिय हो रहा है।

ये भी पढ़िए ..

उषा ने खेती और डेयरी से बदली किस्मत, सालाना कमा रहीं 6 लाख

चूल्हा-चौके के साथ संभाल रहीं कारोबार

बुरहानपुर का ‘दीदी कैफे’: ₹40 हजार से शुरू, अब लाखों की कमाई

सहजन से तैयार हो रहे कई उत्पाद

खेड़ी गांव की महिलाओं ने सहजन को केवल एक फसल तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उससे कई तरह के उत्पाद तैयार किए हैं

•  मोरिंगा पाउडर : हेल्थ ड्रिंक और पोषण सप्लीमेंट

•  हर्बल टी बैग : कैफीन-फ्री स्वास्थ्यवर्धक चाय

•​​​​​​​  कैप्सूल और टैबलेट : पौष्टिक सप्लीमेंट

•​​​​​​​  सहजन की फलियों से सब्जी और सूप

•​​​​​​​  फ्रोजन ड्रमस्टिक : लंबे समय तक उपयोग और निर्यात के लिए

•​​​​​​​  मोरिंगा ऑयल (बेन ऑयल) : त्वचा और बालों की देखभाल के लिए

•​​​​​​​  पानी शुद्ध करने वाला पाउडर :  बीजों से तैयार प्राकृतिक उत्पाद

•​​​​​​​  हर्बल साबुन और लोशन

•​​​​​​​  जैविक खाद (बायो फर्टिलाइजर)

दिल्ली से मुंबई तक पहुंच रहे उत्पाद

खेड़ी गांव की महिलाओं के उत्पाद अब केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं हैं। दिल्ली, मुंबई, इंदौर, भोपाल और उज्जैन जैसे शहरों में भी इनकी मांग बढ़ रही है। इसके अलावा विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी उत्पादों की बिक्री लगातार बढ़ रही है।

क्यों खास है सहजन?

सहजन (मोरिंगा) को अक्सर ‘चमत्कारी पेड़’ कहा जाता है। इसकी पत्तियां, फलियां, फूल और बीज सभी उपयोगी होते हैं। इसमें आयरन, कैल्शियम, विटामिन्स, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो इसे एक सुपरफूड बनाते हैं।

25 से ज्यादा महिलाओं को मिला रोजगार

•​​​​​​​  इस पहल से गांव की 25 से अधिक महिलाएं जुड़ चुकी हैं और नियमित आय अर्जित कर रही हैं।

•​​​​​​​  जो महिलाएं पहले केवल घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित थीं, वे आज सफल उद्यमी बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।

•  यह सफलता कहानी बताती है कि आत्मनिर्भर भारत की असली ताकत गांवों में रहने वाली महिलाएं हैं। सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर वे न केवल अपने जीवन को बदल सकती हैं, बल्कि पूरे गांव की तस्वीर भी बदल सकती हैं।

सन्दर्भ स्रोत : न्यूज़ 18

Comments

Leave A reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *



इंदौर : हर चौथा स्टार्टअप महिलाओं के हाथ में,
न्यूज़

इंदौर : हर चौथा स्टार्टअप महिलाओं के हाथ में, , वैश्विक मंचों तक पहुंची इंदौर की पहचान

1400 स्टार्टअप में 300 से अधिक का संचालन कर रहीं महिलाएं, फीफा वर्ल्ड कप में भी सर्विस दे रहीं 

सोनल सिंह : वेब सीरीज 'विमल खन्ना' में मिला अहम रोल
न्यूज़

सोनल सिंह : वेब सीरीज 'विमल खन्ना' में मिला अहम रोल

गुमशुदा लड़की ‘शालिनी’ के किरदार में जीता दर्शकों का दिल, पूरी कहानी उसकी तलाश के इर्द-गिर्द बुनी गई

बॉक्सिंग वर्ल्ड कप 2026 :  माही लामा का भारतीय
न्यूज़

बॉक्सिंग वर्ल्ड कप 2026 : माही लामा का भारतीय , टीम में चयन, करेंगी देश का प्रतिनिधित्व

मध्यप्रदेश की उभरती हुई मुक्केबाज माही लामा ने भारतीय टीम में जगह बनाकर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। अब उनकी नजर चीन मे...

अर्चना माहेश्वरी : पांच देशों की तकनीक को आसान बनाया
न्यूज़

अर्चना माहेश्वरी : पांच देशों की तकनीक को आसान बनाया

बड़वानी से वैश्विक मंच तक पहुंचीं अर्चना माहेश्वरी ने तकनीक और व्यवसाय के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाते हुए कई द...

​​​​​​​श्रीलंका दौरा :  महिला अंडर-19 क्रिकेट टीम में शामिल अनादि तागड़े
न्यूज़

​​​​​​​श्रीलंका दौरा : महिला अंडर-19 क्रिकेट टीम में शामिल अनादि तागड़े

महज 9 साल की उम्र में अपनी गेंदबाजी से पहचान बनाने वाली अनादि अब भारतीय महिला अंडर 19 टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर देश का...