भोपाल की पर्वतारोही ज्योति रात्रे (jyoti-ratre) ने मैक्सिको (Mexico) की सबसे ऊंची चोटी और उत्तरी अमेरिका की सर्वोच्च ज्वालामुखी पिको डी ओरिजाबा Pico De Orizaba (5,636 मीटर) फतह कर अंतरराष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया। यह उपलब्धि मध्यप्रदेश के किसी भी पर्वतारोही के लिए पहली बार हासिल की गई है। इसके साथ ही ज्योति रात्रे तीन महाद्वीपों के सबसे ऊंचे ज्वालामुखियों पर तिरंगा फहराने वाली भारत की सबसे उम्रदराज महिला पर्वतारोही (mountaineer) बन गईं।
आधी रात शुरू हुई चढ़ाई, 10 घंटे 28 मिनट में हासिल शिखर
55 वर्षीय ज्योति रात्रे ने 30 मई की मध्यरात्रि 12:42 बजे अपने पिको डी ओरिजाबा अभियान की अंतिम चढ़ाई शुरू की।
• अंधेरे, बर्फीली हवाओं और कठिन पर्वतीय रास्तों के बीच उन्होंने लगातार शिखर की ओर कदम बढ़ाया।
• लगभग 10 घंटे 28 मिनट के संघर्ष के बाद सुबह 11:10 बजे शिखर पर पहुंचकर तिरंगा फहराया।
• इस दौरान उन्होंने 1,400 मीटर की सीधी ऊंचाई एक ही प्रयास में तय की, जिसे पर्वतारोहण की दुनिया में बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
-18 डिग्री तापमान और बर्फीले तूफान में चुनौतीपूर्ण सफर
ज्योति रात्रे ने बताया, "इस अभियान में सबसे बड़ी चुनौती मौसम थी। शिखर के पास तापमान -15 से -18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। ग्लेशियर, ज्वालामुखीय चट्टानों और बर्फीली ढलानों के बीच आगे बढ़ना जोखिम भरा था, लेकिन अनुभव और दृढ़संकल्प ने मुझे हर चुनौती पार करने में मदद की। शिखर तक पहुंचना कठिन था, लेकिन नीचे उतरना उससे भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण। तेज हवाएं और बर्फीला मौसम लगातार परीक्षा ले रहे थे। जब शिखर पर तिरंगा लहराया, तो लगा कि वर्षों का संघर्ष सफल हो गया।"
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ग्रामीण महिलाओं को समर्पित अभियान
ज्योति रात्रे ने यह अभियान भारत की ग्रामीण महिलाओं को समर्पित किया। उनका कहना है, "गांवों की महिलाएं हर दिन संघर्ष और साहस का सामना करती हैं, फिर भी अपने परिवार और सपनों को आगे बढ़ाने का हौसला नहीं छोड़तीं। यह अभियान उन्हीं महिलाओं के आत्मविश्वास, जज्बे और संघर्ष को सम्मान देने का प्रयास था।
पिको डी ओरिजाबा फतह करना सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के लिए भी ऐतिहासिक क्षण है।
एवरेस्ट से अंटार्कटिका तक उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त
55 वर्षीय ज्योति रात्रे इससे पहले कई प्रमुख शिखरों को फतह कर चुकी हैं:
• अफ्रीका की किलिमंजारो
• यूरोप की एल्ब्रुस
• दक्षिण अमेरिका की अकोंकागुआ
• ऑस्ट्रेलिया की कोजिअस्को
• दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (2024 में तिरंगा फहराया)
• अंटार्कटिका के माउंट विंसन अभियान में भी उन्होंने कठिन मौसम में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।
ज्योति रात्रे की यह उपलब्धि न केवल उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाती है, बल्कि भारत की महिला पर्वतारोहियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।



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