मध्य प्रदेश के ग्वालियर की अनुष्का शर्मा की अब भारतीय महिला टी-20 क्रिकेट टीम में शामिल हो गई है। वह भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाली द्विपक्षीय सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुनी गई हैं। अनुष्का पहली बार सीनियर राष्ट्रीय टीम में शामिल हुई हैं और पहली बार टीम के साथ विदेश दौरा भी करेंगी।
अनुष्का फिलहाल इंडिया ए के लिए खेल रही हैं और महिला प्रीमियर लीग (WPL) में भी वह गुजरात जायंट्स के लिए चुनी जा चुकी हैं। दक्षिण अफ्रीका में होने वाली पांच मैचों की टी-20 सीरीज के लिए ग्वालियर के पत्रकार बृजमोहन शर्मा की बेटी अनुष्का शर्मा का चयन हुआ है। अनुष्का एक बेहतरीन ऑलराउंडर हैं और इंडिया ए व WPL में अपने बल्लेबाजी और गेंदबाजी कौशल का प्रदर्शन कर चुकी हैं। उनके चयन से पूरे शहर में उत्साह का माहौल है।
पावर हिटिंग की शौकीन, रोज 600 गेंदों का सामना
अनुष्का ने शिवपुरी स्थित मप्र राज्य महिला क्रिकेट एकेडमी में ट्रेनिंग ली। उन्होंने सबसे पहले अपनी शारीरिक ताकत और फिटनेस सुधारी। फिर पावर हिटिंग पर काम किया। वे रोजाना 500 से 600 गेंदों का सामना करतीं। महिला क्रिकेट में बाउंड्री आमतौर पर 55-60 मीटर की होती है, लेकिन उन्होंने 70 मीटर की बाउंड्री में प्रैक्टिस की। इस मेहनत का फल सीनियर विमंस इंटर-जोनल टी20 ट्रॉफी में दिखा, जब अनुष्का ने 5 छक्के जड़े। इसी 'पावर-हिटिंग' ने उन्हें डब्ल्यूपीएल फ्रेंचाइजियों के रडार पर ला दिया।
वुमेन प्रीमियर लीग में गुजरात के लिए मचा चुकी धमाल
WPL यानि वूमेन प्रीमियर लीग में ग्वालियर की अनुष्का ने धमाल मचाया है। पहले वह मध्य प्रदेश सीनियर टीम के लिए खेल रही थीं, इसके बाद उनका चयन गुजरात जायंट्स (GG) ने 45 लाख रुपए में किया। अनुष्का गुजरात जायंट्स के लिए खेलते हुए बेहतरीन प्रदर्शन कर चुकी हैं। ग्वालियर की वह पहली खिलाड़ी हैं, जो WPL में खेल रही हैं। खुद अनुष्का का कहना है कि उन्हें इस चयन की उम्मीद थी, क्योंकि वह लगातार मैदान पर मेहनत कर रही थीं। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में अपनी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग पर काफी काम किया है।
खुद को मानती हैं बेहतर ऑलराउंडर
अनुष्का खुद को एक बेहतर ऑलराउंडर मानती हैं। उनका कहना है कि गुजरात जायंट्स की टीम में खेलने के बाद अब भारतीय राष्ट्रीय सीनियर महिला टीम में जगह बनाना किसी सपने के सच होने जैसा है। उनकी पसंदीदा बल्लेबाजी पोजिशन मध्य क्रम है और वह टीम को संतुलन देने में विश्वास रखती हैं। उनका लक्ष्य बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों में बेहतर प्रदर्शन कर टीम को जीत दिलाना है।
शुरुआत में छत पर क्रिकेट खेलती थीं
पिता बृजमोहन शर्मा ने बताया कि सबसे पहले उनके बेटे आयुष ने ही अनुष्का की क्रिकेट प्रतिभा को पहचाना था। आयुष को 2010 में क्रिकेट खेलते देखकर अनुष्का की भी इसमें रुचि बढ़ी दोनों भाई-बहन घर की छत पर ही क्रिकेट खेला करते थे।
पहले मैच में सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर का खिताब जीता
अनुष्का कंपू के मेला हॉकी स्टेडियम में आयोजित एक कैंप में शामिल हुईं। उस कैंप में लड़कों की टीम थी, जिसमें अनुष्का एकमात्र लड़की थीं और उन्होंने वहां शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने क्रिकेट के कई गुर सीखे। इसके बाद अनुष्का का सफर नहीं रुका और उनकी सफलता का सिलसिला जारी रहा। वर्ष 2017 में अनुष्का मध्य प्रदेश की अंडर-16 टीम में शामिल हुईं और अपने पहले ही टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर का खिताब जीता।
सन्दर्भ स्रोत : दैनिक भास्कर
छाया : ज़ी न्यूज़ इंडिया डॉट कॉम



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