जन्म दिनांक : 06 अक्टूबर, जन्म स्थान : जबलपुर
माता : श्रीमती श्रद्धा गोखले, पिता : श्री आचार्य विवेक गोखले
जीवन साथी : श्री प्रफुल्ल शिलेदार, संतान : पुत्री 02
शिक्षा : एम ए (संगीत), पी.एचडी. (संगीत- ‘भारतीय शास्त्रीय संगीत में ख़याल गायकी की बदलती परिस्थितियों के संदर्भ में आधुनिक बंदिशकारों का योगदान’)
व्यवसाय : संगीत प्राध्यापक, गायिका
करियर यात्रा/ जीवन यात्रा : डॉ. साधना एक प्रतिष्ठित कलाकार परिवार से आती हैं. वे हिंदुस्तानी शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय संगीत की प्रसिद्ध गायिका हैं. उन्होंने अपने पिता एवं गुरु डॉ. विवेक गोखले से प्रारंभिक संगीत शिक्षा प्राप्त करने के बाद पं. मनोहर राव कासलीकर (आगरा घराना) और पं. चंद्रशेखर रेले (ग्वालियर घराना) जैसे महान गुरुओं से मार्गदर्शन मिला. पिछले 17 वर्षों से वे विदुषी श्रीमती आरती अंकलीकर-टिकेकर से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं.
1993 से शिक्षण कार्य से जुड़ी डॉ. साधना वर्तमान में नागपुर स्थित वसंतराव नाईक शासकीय कला एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान (मॉरिस कॉलेज) में संगीत विभाग की प्राध्यापक और विभागाध्यक्ष हैं. वे पूर्व में निदेशक पद पर भी कार्यरत रह चुकी हैं.
उपलब्धियां / पुरस्कार
• आकाशवाणी और दूरदर्शन पर ख़याल गायकी की एक मान्यता प्राप्त कलाकार
• कई प्रसिद्ध पत्र-पत्रिकाओं जैसे - ‘संगीत कला विहार’ (मुंबई), ‘संगीत’ (हाथरस), ‘नाद-ब्रह्म’ (मुंबई), ‘आशय’, ‘पंचधारा’, ‘बायजा’ और ‘महाराष्ट्र टाइम्स’) में लेख प्रकाशित
• ऋतु, अनुप और गोधूलि — ये तीन स्वरचित (स्वयं निर्मित) राग हैं, जिनकी रचना साधना शिलेदार ने की है
प्रकाशन
• क़हत गुनीजन, (विजय प्रकाशन, नागपुर)
• धुन उगम रागांची निर्मिती प्रक्रिया (मराठी में राजहंस प्रकाशन, पुणे द्वारा)
• धुन उगम रागों की निर्मिति प्रक्रिया (हिंदी में सेतु प्रकाशन, नई दिल्ली द्वारा)
• दो अनुवादित पुस्तकें सेतु प्रकाशन द्वारा प्रकाशित
1. कुमार मेरा सखा
2. कुमार - मुकाम वाशी
• तीन सीडी प्रकाशित: 1. Saunter at Sunaet 2. गुंजन 3. क़हत गुनीजन
सम्मान
• आकाशवाणी एवं दूरदर्शन की मान्यता प्राप्त ख़याल गायिका
• ‘सुरमणि’ पुरस्कार (सुर सिंगार संसद, मुंबई – 1993)
• नाट्याचार्य काकासाहेब खाडिलकर पुरस्कार (बाल गंधर्व रसिक मंडल, पुणे)
• नागपुर विश्वविद्यालय की मान्यता प्राप्त पी.एचडी. मार्गदर्शक (6 विद्यार्थियों को उपाधि प्राप्त, 6 अध्ययनरत)
प्रमुख प्रस्तुतियां
• देश-विदेश के अनेक प्रतिष्ठित मंचों पर प्रदर्शन
• सुर सिंगार संसद (मुंबई)
• नेहरू सेंटर (मुंबई)
• भारत नाट्य मंदिर (पुणे)
• एनसीपीए (पुणे)
• इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय (खैरागढ़)
• बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (वाराणसी)
• बंगाली एजुकेशन सोसाइटी, नागपुरपं. रामचंद्र देसाई स्मृति महोत्सव, पनवेल (नवी मुंबई) सहित अनेक राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक महोत्सव
विदेश यात्रा : निजी प्रवास - अमेरिका, फ्रांस
रुचियाँ : लेखन, वाचन, श्रवण
अन्य जानकारी : डॉ. शिलेदार को ख़याल, निर्गुणी भजन और मराठी नाट्य संगीत में विशेष रुचि है. उनकी गायकी में ठुमरी, दादरा, भजन और अभंग जैसे कई रूप भी शामिल हैं.
वे संगीत से जुड़े सरल और रोचक विषयों (भाव और अभिव्यक्ति (रस सिद्धांत), व्यक्तित्व विकास में कला की भूमिका, संगीत में नए प्रयोग (रीमिक्स), वैश्वीकरण का प्रभाव, और संगीत को समझने व सराहने के तरीके) पर व्याख्यान व प्रस्तुतियाँ देती हैं.