नेचुरल बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में डॉ. कविता ने जीते 4 मेडल

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नेचुरल बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में डॉ. कविता ने जीते 4 मेडल

• डॉक्टर बनी बॉडी बिल्डर

• शौक ने सेवा सदन की नेत्र सर्जन को बनाया फिटनेस आइकन\

• साइकलिंग में भी लहराया परचम

भोपाल। कहते हैं, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। नेचुरल बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली भोपाल की डॉ. कविता गुप्ता ने ये कर दिखाया है। बॉडी बिल्डर बनना उनका सपना था और एक साल की कड़ी मेहनत और उम्दा प्रदर्शन की बदौलत आखिरकार उन्होंने यह मुकाम हासिल कर लिया। डॉ. कविता हमीदिया अस्पताल के एनेस्थीसिया डिपोर्टमेंट में प्रो. डॉ. दीपेश गुप्ता की पत्नी हैं।

मुम्बई में 27 मई को आयोजित आई कम्पीट नेचुरल (आईसीएन) बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय की नेत्र सर्जन डॉ. कविता गुप्ता ने स्पोर्ट मॉडल की 40+ कैटेगरी में गोल्ड जीतने के अलावा ओपन कैटेगरी में सिल्वर, रनवे मॉडल में सिल्वर और स्ट्रीट मॉडल कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल भी अपने नाम किया। चैंपियनशिप में दुनियाभर से 363 प्रतिभागी शामिल हुए थे। मध्यप्रदेश से डॉ. कविता गुप्ता एकमात्र प्रतिभागी रहीं।

आईसीएन ऑस्ट्रेलिया की एक फेडरेशन है जो नेचुरल बॉडी बिल्डिंग, फिगर, फिजिक और सौंदर्य चैंपियनशिप का दुनियाभर के 88 देशों में आयोजन करती है। इसका निरीक्षण वर्ल्ड एंट्री डोपिंग एजेंसी (वाडा) द्वारा किया जाता है। चैंपियनशिप में ऑस्ट्रेलिया से आए निर्णायक मंडल के लियोन स्टेनसोल्म व मोनिक हूपर ने डॉ. कविता को भारतीय महिलाओं के लिए रोल मॉडल बताया।

10 घंटे में 200 किमी तक साइकलिंग भी कर चुकी हैं

बॉडी बिल्डिंग से  पहले डॉ. कविता साइकलिंग में भी परचम लहरा चुकी हैं। भोपाल रेंडोन्यूर्स के तहत 10 घंटे में 200 किमी साइकलिंग का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है। इसके अलावा वे मिसेस मध्यप्रदेश 2021, 2022 की सुपर फेमिना भी रही हैं। डॉ. कविता गुप्ता संत हिरदाराम नगर के सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय में बतौर नेत्र सर्जन 15 साल से सेवाएं दे रही हैं।

बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप से पहले डॉ. कविता गुप्ता ने जिम में लगातार छह महीने तक खूब पसीना बहाया। यहां उन्होंने कोच सादान खान और ट्रेनर सऊद के मार्गदर्शन में खानपान नियंत्रित रखते हुए नियमित वर्कआउट जारी रखा। डॉ. कविता ने बताया कि एक साल पहले बॉडी बिल्डिंग का जो सपना देखा था उसे किसी भी हाल में पूरा करने के लिए दिसंबर से ही जुटी थीं।

संदर्भ स्रोत – दैनिक भास्कर

संपादन- मीडियाटिक डेस्क

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