नीतू चौरसिया : अभिनय पर लगी बंदिशें..

blog-img

नीतू चौरसिया : अभिनय पर लगी बंदिशें..
फिर बुंदेली संगीत में बनाई पहचान

मध्य प्रदेश के छतरपुर की रहने वाली नीतू चौरसिया की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को जिंदा रखते हैं। नीतू को बचपन से ही संगीत और एक्टिंग का बेहद शौक था। उनके पिता खुद संगीत के जानकार थे, जिससे उन्हें घर में ही सीखने का मौका मिला। 

वह अक्सर अपने पिता के साथ गाती थीं और यहीं से उनके अंदर कला के प्रति लगाव और गहरा होता गया। साथ ही उन्हें अभिनय का भी शौक था, लेकिन छोटे शहर और सीमित अवसरों के कारण उन्हें आगे बढ़ने का मंच नहीं मिल पाया। भले ही उन्हें फिल्म में काम करने का मौका नहीं मिला, लेकिन उन्होंने अपने संगीत के जुनून को जिंदा रखा और आज एक सफल लोक गायिका के रूप में पहचान बना ली है।

फिल्म में मिला मौका, लेकिन परिवार ने नहीं दी अनुमति

विवाह के बाद नीतू की जिंदगी में एक बड़ा मौका तब आया, जब उन्हें एक फिल्म के लिए ऑडिशन देने का अवसर मिला। छतरपुर में आयोजित ऑडिशन में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और चयनित भी हो गईं। फिल्म की टीम उनकी एक्टिंग से काफी प्रभावित हुई और उन्हें अपने प्रोजेक्ट में शामिल करना चाहती थी। लेकिन परिवार की जिम्मेदारियों और छोटे बच्चों के कारण उनके पति ने उन्हें बाहर जाकर काम करने की अनुमति नहीं दी। यह उनके लिए एक बड़ा झटका था। अगर उस समय उन्हें अनुमति मिल जाती, तो शायद उनका करियर एक अलग दिशा में होता।

 

इन्हें भी पढ़िए .....

25 से ज्यादा ताल वाद्य बजाती हैं तेजस्विता अनंत

सिंगर पलक मुछाल का नाम गिनीज बुक में दर्ज

 

शादी के बाद सपने हुए धीमे, लेकिन खत्म नहीं

शादी के बाद कुछ समय के लिए नीतू को लगा कि उनके सपने अब अधूरे ही रह जाएंगे। उन्होंने कुछ साल तक अपने शौक को पीछे छोड़ दिया। लेकिन उनके अंदर की कलाकार ने हार नहीं मानी। उन्होंने फिर से संगीत की ओर कदम बढ़ाया और अपनी पढ़ाई का उपयोग करते हुए संगीत में एमए करने के बाद कॉलेज में संगीत शिक्षक के रूप में काम शुरू किया।

बच्चों को दी मुफ्त संगीत शिक्षा

नीतू ने केवल खुद तक ही अपने हुनर को सीमित नहीं रखा। उन्होंने अपने घर पर बच्चों को मुफ्त में संगीत सिखाना शुरू किया। उनका मानना है कि कला को आगे बढ़ाना जरूरी है, और अगर किसी के पास संसाधन नहीं हैं, तो उन्हें मौका मिलना चाहिए।

बुंदेली लोक संगीत में बनाई पहचान

नीतू ने धीरे-धीरे बुंदेली लोक संगीत में अपनी पहचान बनानी शुरू की। वह स्थानीय कार्यक्रमों, शादी-विवाह और जन्मदिन जैसे आयोजनों में प्रस्तुति देने लगीं। आज उन्हें छतरपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के शहरों से भी कार्यक्रमों के लिए आमंत्रण मिलता है।

खुद के लिखे गीतों से जीता दिल

नीतू केवल गाती ही नहीं, बल्कि गीत भी लिखती हैं। हाल ही में उन्होंने होली पर एक गीत लिखा, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया- 

“अरे मोरी चुनर है रेशेदार,

न मोपे रंग डालो,

मैं तो विनती करूं बार-बार

न मोपे रंग डालो...”

सोशल मीडिया और यूट्यूब से बढ़ाया दायरा

समय के साथ नीतू ने डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी सहारा लिया। उन्होंने अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया, जो अब मोनेटाइज भी हो चुका है। इसके जरिए वह अपनी कला को छतरपुर से बाहर देशभर तक पहुंचा रही हैं। इतना ही नहीं, वे आकाशवाणी छतरपुर से भी जुड़ी हुई हैं, जहां वह नियमित रूप से अपनी प्रस्तुतियां देती हैं। उनका कहना है कि यहां वह पैसे कमाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी कला को जीवित रखने और लोगों तक पहुंचाने के लिए गाती हैं।

सन्दर्भ स्रोत :  न्यूज़ 18

छाया : ईटीवी भारत 

संपादन : मीडियाटिक डेस्क 

 

Comments

Leave A reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *



56 की उम्र में माउंट किलिमंजारो को फतह करने
न्यूज़

56 की उम्र में माउंट किलिमंजारो को फतह करने , वाली सबसे उम्रदराज भारतीय महिला बनीं सुनीता

उन्होंने कहा कि तमाम विपरीत परिस्थितियों, मौसम, उम्र और कामकाजी व्यस्तता के बाद भी यहां तक पहुंचना उनके लिए एक बड़ी उपलब...

UN में डॉ. रीनू यादव ने महिला सशक्तिकरण
न्यूज़

UN में डॉ. रीनू यादव ने महिला सशक्तिकरण , को बताया सस्टेनेबल डेवलपमेंट

कहा- जेंडर इक्वैलिटी को केंद्र में रखना जरूरी, UN में डॉ. रीनू यादव ने महिला सशक्तिकरण को बताया सस्टेनेबल डेवलपमेंट  की...

सविता प्रधान : घरेलू हिंसा से जूझकर बनीं IAS
न्यूज़

सविता प्रधान : घरेलू हिंसा से जूझकर बनीं IAS

गांव में शिक्षा का माहौल नहीं था, फिर भी उनके माता-पिता ने उन्हें पढ़ाने का फैसला किया। वे अपने गांव की 10वीं पास करने व...

इंडिया कैंप के लिए चुनी गईं शालिनी, सब
न्यूज़

इंडिया कैंप के लिए चुनी गईं शालिनी, सब , जूनियर एशिया कप की करेंगी तैयारी

राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिला मौका

शूटर वंशिका तिवारी का सीनियर वर्ल्ड कप में चयन
न्यूज़

शूटर वंशिका तिवारी का सीनियर वर्ल्ड कप में चयन

 बहन की जगह मिले मौके ने बदली किस्मत