छाया: न्यूज़क्लिक
नई दिल्ली। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने का प्रस्ताव करने वाला विधेयक कानून तो बन चुका है, लेकिन फिलहाल यह कानून देश में लागू नहीं हुआ है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कानून को तत्काल लागू कराने की मांग की गई है। शीर्ष अदालत ने इस याचिका पर संक्षिप्त सुनवाई के बाद केंद्र सरकार से 14 दिनों के भीतर जवाब मांगा। अदालत ने कहा कि देशभर में कानून लागू करने के संबंध में सरकार का रूख जानना अहम है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में तीन सप्ताह के बाद सुनवाई की जाएगी।
ये भी पढ़िए ...
सरकारी पैनलों में महिला वकीलों को 30% आरक्षण की मांग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
इससे पहले याचिकाकर्ता जया ठाकुर की तरफ से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कहा कि अदालत को निर्देश जारी करना चाहिए कि कानून को आम चुनाव से पहले लागू किया जाए। अदालत ने दलीलों को सुनने के बाद साफ किया कि मुकदमे में इस स्तर पर कोई आदेश पारित नहीं कर सकती। दो जजों की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से सरकार के जवाब का इंतजार करने को कहा। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ में सरकार की तरफ से वकील कनु अग्रवाल पेश हुईं। उन्होंने कहा कि जवाब दाखिल करने के लिए उन्हें कुछ समय चाहिए। अदालत ने दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा।
संदर्भ स्रोत: फोरपीएम



Comments
Leave A reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *