अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी पर

blog-img

अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी पर
आकांक्षा ने फहराया तिरंगा

इंदौर की पर्वतारोही आकांक्षा शर्मा कुटुम्बले ने अफ्रीका की सबसे ऊँची चोटी माउंट किलिमंजारो (19,341 फीट) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर तिरंगा फहराया और शहर का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। यह उपलब्धि न केवल इंदौर बल्कि पूरे मध्य भारत के लिए गर्व का विषय है।

माउंट किलिमंजारो पर फहराया तिरंगा

आकांक्षा पेशे से सिविल इंजीनियर हैं और संभवतः वे इंदौर की पहली पर्वतारोही हैं जिन्होंने यूरोप की माउंट एलब्रुस और अफ्रीका की माउंट किलिमंजारो, दोनों चोटियों पर चढ़ाई की है। ये दोनों पर्वत विश्व की प्रतिष्ठित ‘सेवन समिट्स’ में शामिल हैं। 

ऑक्सीजन की कमी और भीषण ठंड में भी नहीं मानी हार

चढ़ाई के दौरान आकांक्षा को ऑक्सीजन की भारी कमी का सामना करना पड़ा। सांस लेना मुश्किल हो गया था और हर कदम चुनौतीपूर्ण था। शिखर पर तापमान -12 डिग्री सेल्सियस था और हवा की रफ्तार लगभग 20 किमी प्रति घंटा थी, लेकिन कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लक्ष्य हासिल किया।  शिखर पर पहुँचने के बाद आकांक्षा ने कश्मीरी कानी साड़ी पहनकर भारतीय संस्कृति का गौरवपूर्ण प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि यह साड़ी उन्हें अपने भारतीय होने का अहसास कराती है और कश्मीर से उनका विशेष भावनात्मक जुड़ाव है। 

कश्मीर से मिली पर्वतारोहण की प्रेरणा

आकांक्षा ने बताया कि पर्वतारोहण के लिए उनकी कर्मभूमि कश्मीर रही है। उन्होंने वहीं से माउंटेनियरिंग के बेसिक और एडवांस कोर्स किए हैं और कई हिमालयी चोटियों पर अभ्यास किया है।  यह अभियान उन्होंने Safari Touch Tanzania कंपनी के साथ पूरा किया। इस दौरान वे अपने ग्रुप की एकमात्र पर्वतारोही थीं। ‘सेवन समिट्स’ में विश्व के सातों महाद्वीपों की सबसे ऊँची चोटियाँ शामिल होती हैं और इन सभी पर चढ़ाई करना पर्वतारोहण की दुनिया की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है। 

कठिन प्रशिक्षण और अनुशासन से मिली सफलता

माउंट किलिमंजारो की तैयारी के लिए आकांक्षा ने नियमित रनिंग, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, सीढ़ियों पर अभ्यास और प्राणायाम किया। पाँचवीं मंज़िल पर रहने का फायदा उन्हें रोज़ाना अभ्यास में मिला, जिससे फेफड़ों की क्षमता मजबूत हुई।

 सभी सात महाद्वीपों की चोटियाँ फतह करने का लक्ष्य 

आकांक्षा का सपना है कि वे भविष्य में ‘सेवन समिट्स’ की सभी चोटियों पर चढ़ाई करें। उन्होंने इसके लिए कोई समय-सीमा तय नहीं की है, लेकिन उनका कहना है कि भारत के हिमालय क्षेत्र में भी कई शिखर हैं, जिन्हें वे अवश्य फतह करना चाहेंगी।

सन्दर्भ स्रोत/ छाया : आकांक्षा शर्मा

Comments

Leave A reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *



एलीट नेशनल बॉक्सिंग : दीपा और जिज्ञासा सेमीफाइनल में
न्यूज़

एलीट नेशनल बॉक्सिंग : दीपा और जिज्ञासा सेमीफाइनल में

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में मार्टिना लकड़ा ने जीता रजत

क्रिकेटर बनने के लिए कर रहीं संघर्ष शहडोल की आशी
न्यूज़

क्रिकेटर बनने के लिए कर रहीं संघर्ष शहडोल की आशी

 ट्रक ड्राइवर की बेटी प्रैक्टिस करने रोजाना 200 रुपए में 100 किलोमीटर करती है सफर.

वर्मी कम्पोस्ट ने चमकाई भग्गू बाई की जिंदगी
न्यूज़

वर्मी कम्पोस्ट ने चमकाई भग्गू बाई की जिंदगी

जैविक खाद बनी आय का जरिया आत्मनिर्भरता की मिसाल बनी भग्गू बाई

पैरा ताइक्वांडो नेशनल चैंपियनशिप : चार बार
न्यूज़

पैरा ताइक्वांडो नेशनल चैंपियनशिप : चार बार , की नेशनल चैंपियन बनीं सपना

बेंगलुरु के कोरामंगला स्टेडियम में इंदौर की सपना शर्मा ने किया कमाल, ताइक्वांडो नेशनल चैंपियनशिप 2025-26 में 70 खिलाड़िय...

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स : आरती ने रजत,
न्यूज़

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स : आरती ने रजत, , चांदनी और गुंजन ने जीता कांस्य 

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में मप्र की बेटियों का शानदार प्रदर्शन

सागर की सारा रूस में लहराएंगी भारतीय संस्कृति का परचम
न्यूज़

सागर की सारा रूस में लहराएंगी भारतीय संस्कृति का परचम

एमपी-सीजी में इकलौता चयन NCC के जरिए रूस में तिरंगा लहराएंगी सागर सारा पांडे मां का सपना पूरा करने के लिए रचा इतिहास,