पांच साल की मेहनत के बाद नेशनल चैम्पियन बनीं आशी चौकसे

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पांच साल की मेहनत के बाद नेशनल चैम्पियन बनीं आशी चौकसे

छाया: स्क्रॉलडॉट इन

3 दिन के भीतर तीसरे गोल्ड पर लगाया निशाना

भोपाल। शहर की युवा प्रतिभाशाली निशानेबाज आशी चौकसे ने केरल नेशनल राइफल शूटिंग में रविवार को डबल गोल्ड जीते। उन्होंने 50 मीटर प्रोन जूनियर की इंडिविजुअल में गोल्ड जीतने के बाद इसी के टीम इवेंट में नुपुर कुमरावत और शारण्या लाखन काे साथ ले दूसरा  गोल्ड भी जीत लिया। उन्होंने तीन दिन पहले इसी नेशनल टूर्नामेंट में 50 मीटर थ्री प्रोजीशन में भी गोल्ड जीता है। वह इस साल चार नेशनल गोल्ड जीत चुकी हैं, इसलिए वह साल की नेशनल चैम्पियन बन गई हैं। आशी कहती हैं कि पांच साल पहले तक उन्होंने बंदूक को छूआ भी नहीं था। उनके घर में कोई बंदूक नहीं थी। भेल के कार्मल कान्वेंट से पासआउट आशी ने स्कूल में एनसीसी के दौरान 2017 में पहली बार बंदूक पकड़ी थी। एनसीसी में सही निशाना लगाने के कारण इसमें इंट्रेस्ट आया। उसी वर्ष मप्र अकादमी के ट्रायल हुए। उसमें हाथ आजमाया और चुन ली गईं। अकादमी में आने के बाद फिर मुड़कर नहीं देखा। इन पांच साल में उन्होंने करीब 14 नेशनल गोल्ड अपने नाम किए हैं। जबकि अजरबैजान वर्ल्डकप में उन्होनें 50 मीटर थ्री  प्रोजीशन में गोल्ड जीतकर इंटरनेशनल लेवल पर भी अपनी धाक जमा ली है। इंटरनेशनल लेवल पर उनके तीन ब्रोंज़े मेडल भी हैं। अपने घर में वह अकेली प्लेयर है। घर में कोई भी स्पोर्ट्स से जुड़ा नहीं है। लेकिन आशी का अब सब कुछ शूटिंग ही है। वह कहती हैं कि आगे एशियन गेम्स और ओलंपिक पर नजर है। वहां खेलना चाहती हूं और जीतना भी चाहती हूं।

• नुपुर और सीनियर टीम इवेंट में सिल्वर मेडल भी
आशी ने 50 मीटर प्रोन इंडिविजुअल में जहां गोल्ड जीता है। वहीं नुपुर को सिल्वर मेडल मिला है। इसी के साथ 50 मीटर राइफल प्रोन सीनियर टीम इवेंट में मप्र अकादमी की आशी के साथ सुनिधि चौहान, बांधवी सिंह सिल्वर जीता।

संदर्भ स्रोत- दैनिक भास्कर

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