CSIR-AMPRI की वैज्ञानिक डॉ. सारिका वर्मा

blog-img

CSIR-AMPRI की वैज्ञानिक डॉ. सारिका वर्मा
ने बनाई रेडिएशन प्रोटेक्शन टाइल्स

डॉ. सारिका वर्मा ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। CSIR-AMPRI में सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट के रूप में कार्यरत डॉ. वर्मा ने इंडस्ट्रियल वेस्ट से ऐसी रेडिएशन शील्डिंग टाइल्स विकसित की हैं, जो मेडिकल, ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो सकती हैं।

उनका यह रिसर्च एडवांस्ड मल्टी-फंक्शनल रेडिएशन शील्डिंग और थर्मल इंसुलेशन मटेरियल्स पर आधारित है, जिसके लिए उन्हें हाल ही में पेटेंट भी प्राप्त हुआ है। इस नवाचार को भारत के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

इंडस्ट्रियल वेस्ट से तैयार रेडिएशन शील्डिंग टाइल्स

डॉ. सारिका वर्मा ने इंडस्ट्रीज से निकलने वाले रेड मड वेस्ट का उपयोग कर विशेष रेडिएशन प्रोटेक्शन टाइल्स विकसित की हैं। इन टाइल्स का इस्तेमाल एक्स-रे लैब, अस्पतालों, परमाणु ऊर्जा संस्थानों और रक्षा प्रतिष्ठानों में किया जा सकता है।

अब तक रेडिएशन रोकने के लिए बड़े पैमाने पर लेड (Lead) का उपयोग किया जाता रहा है, जिसे भारत को चीन सहित अन्य देशों से आयात करना पड़ता है। नई तकनीक से तैयार ये टाइल्स लेड का बेहतर विकल्प बन सकती हैं और इससे आयात पर निर्भरता कम होगी।

ये भी पढ़िए...

इंदौर की अक्षिता ने बनाई किचन वेस्ट को खाद में बदलने वाली मशीन

ग्वालियर की वंशिका का अनोखा नवाचार : कचरे की फोटो अपलोड करते ही मिलेगी रीसाइकल की जानकारी

तितली की प्रजातियों को बचाने रिसर्च कर रहीं जबलपुर की डॉ. श्रद्धा खापरे

ग्रीन टेक्नोलॉजी और वेस्ट मैनेजमेंट पर खास फोकस

डॉ. वर्मा का शोध केवल रेडिएशन शील्डिंग तक सीमित नहीं है। उन्होंने ग्रीन नैनो टेक्नोलॉजी, जियोपॉलीमेरिक मटेरियल्स, बांस आधारित बायोकॉम्पोजिट्स और पर्यावरणीय अपशिष्ट को उपयोगी संसाधन में बदलने जैसे क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण काम किया है। उनकी रिसर्च का मुख्य उद्देश्य ऐसे वैज्ञानिक समाधान विकसित करना है, जिनसे पर्यावरण प्रदूषण कम हो और औद्योगिक कचरे का प्रभावी उपयोग किया जा सके।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया भारत का गौरव

एडवांस्ड मटेरियल्स पर किए गए शोध के कारण डॉ. सारिका वर्मा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत का नाम रोशन किया है। वैज्ञानिक समुदाय में उनके कार्य को सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी और वेस्ट टू वेल्थ मॉडल के रूप में सराहा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक भविष्य में हेल्थकेयर, न्यूक्लियर एनर्जी और डिफेंस सेक्टर के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।

सन्दर्भ स्रोत : दैनिक भास्कर

सम्पादन : मीडियाटिक डेस्क 

Comments

Leave A reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *



महिला हॉकी अकादमी की 4 होनहार खिलाड़ियों
न्यूज़

महिला हॉकी अकादमी की 4 होनहार खिलाड़ियों , ने जापान में लहराया भारत का परचम

ग्वालियर की महिला हॉकी अकादमी की चार खिलाड़ियों ने अंडर-18 हॉकी एशिया कप में भारत का प्रतिनिधित्व कर कांस्य पदक दिलाया।

महज 21 साल की स्तुति श्रीवास्तव बनीं कॉमर्शियल पायलट
न्यूज़

महज 21 साल की स्तुति श्रीवास्तव बनीं कॉमर्शियल पायलट

स्तुति श्रीवास्तव ने कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस प्राप्त कर अपने सपने को साकार किया और युवाओं के लिए प्रेरणा बनीं।

इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय जूनियर
न्यूज़

इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय जूनियर , महिला हॉकी टीम में कृष्णा शर्मा का चयन

ग्वालियर की कृष्णा शर्मा का भारतीय अंडर 21 महिला हॉकी टीम में चयन हुआ है। वह 5 जुलाई से इंग्लैंड और स्कॉटलैंड दौरे पर भा...

बिना कोचिंग चमकीं बेटियां : आशिता को 99.8
न्यूज़

बिना कोचिंग चमकीं बेटियां : आशिता को 99.8 , प्रतिशत, काजल को 3 स्वर्ण पदक

राजगढ़ की आशिता और कटनी की काजल ने रचा सफलता का इतिहास

महिलाओं को पंख दे रही ‘उड़ान’, 5 लाख से
न्यूज़

महिलाओं को पंख दे रही ‘उड़ान’, 5 लाख से , अधिक जरूरतमंदों की बदल दी जिंदगी

उड़ान संस्था पिछले 6 वर्षों में 5 लाख से अधिक लोगों की मदद कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रही है।

इजराइल के क्लब से खेलने वाली पहली
न्यूज़

इजराइल के क्लब से खेलने वाली पहली , भारतीय महिला फुटबॉलर बनीं धार की ज्योति

ज्योति की प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में घाना की राष्ट्रीय महिला फुटबॉल टीम की पूर्व उपकप्तान एलशद्दाई अचे...