सरपंच आरती कुशवाहा ने बदली गांव की

blog-img

सरपंच आरती कुशवाहा ने बदली गांव की
तस्वीर : जहां थी गंदगी, आज है खूबसूरती

भिंड जिले के रौन क्षेत्र में स्थित दबरेहा पंचायत आज ग्रामीण विकास और स्वच्छता का एक बेहतरीन उदाहरण बन चुकी है। जिस जगह कभी गंदगी और कचरे का अंबार लगा रहता था, वहीं आज लोग सेल्फी लेने और समय बिताने के लिए पहुंचते हैं। इस बदलाव के पीछे गांव की महिला सरपंच आरती कुशवाहा की मेहनत और दूरदर्शिता है।

2 साल में बदली गांव की पूरी सूरत

कुछ समय पहले तक दबरेहा पंचायत भी अन्य गांवों की तरह समस्याओं से जूझ रही थी- टूटी सड़कें, गंदगी और बुनियादी सुविधाओं की कमी। लेकिन पिछले दो वर्षों में गांव ने तेजी से विकास किया है।  कच्ची और टूटी सड़कों की जगह अब पक्की सड़कें बन गई हैं। नालियों का निर्माण होने से गंदगी से निजात मिली है। इतना ही नहीं, सामुदायिक भवन और आंगनवाड़ी केंद्र का निर्माण होने के साथ ही गांव के प्रवेश पर सुंदर दरवाजा स्वागत के लिए तैयार किया गया है। 

इन्हें भी पढ़िए ...

बैसाखी के साथ बुलंद इरादों वाली सरपंच सुनीता भलावी

सरपंच साक्षी बनीं FD दीदी, गांव की बिटिया को देतीं 1100 की फिक्स डिपोजिट

जल संरक्षण की मिसाल बनीं ‘वॉटर वूमन’ सावित्री श्रीवास्तव

मांजरोद कला पंचायत: जहां पूरी पंचायत महिलाओं के हाथों में

 

गंदे तालाब से बना आकर्षक सेल्फी पॉइंट

गांव का प्राचीन तालाब, जो कभी गंदगी और दुर्गंध का केंद्र था, आज गांव की पहचान बन चुका है। पहले तालाब में मवेशी छोड़े जाते थे, आसपास कचरा जमा रहता था और  दुर्गंध से लोग परेशान रहते थे। लेकिन अब तालाब की साफ-सफाई और फेंसिंग की गई। स्टॉप डैम का निर्माण, बैठने की व्यवस्था, सुंदर हरियाली और सजावट के साथ ही सेल्फी पॉइंट का निर्माण किया गया है। जिससे अब यह स्थान गांव और आसपास के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। गांव की सरपंच आरती कुशवाहा ने इस बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने सबसे पहले तालाब की फेंसिंग करवाई ताकि गंदगी रोकी जा सके। इसके बाद लगातार नए आइडिया लागू किए गए। उनका कहना है “युवा सरपंच होने के कारण कुछ अलग करने की सोच थी, और आज उसका परिणाम देखकर खुशी होती है।” इतना ही नहीं, तालाब अब पानी से भरा रहता है जिसका उपयोग सिंचाई में हो रहा है साथ ही भूजल स्तर में सुधार आया है

अशोक स्तंभ बना एकता का प्रतीक 

गांव में एक अशोक स्तंभ भी बनवाया गया है। ग्राम सभा में अलग-अलग महापुरुषों की प्रतिमा लगाने के सुझाव आए थे, लेकिन किसी एक समाज का प्रतिनिधित्व न हो, इस सोच के साथ राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ पर सहमति बनी।

दबरेहा पंचायत यह साबित कर रही है कि सही सोच, नेतृत्व और प्रयास से कोई भी गांव बदल सकता है। स्वच्छता, सुंदरता और विकास का यह मॉडल अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बन रहा है।

सन्दर्भ स्रोत/छाया :  ईटीवी भारत

सम्पादन : मीडियाटिक डेस्क

Comments

Leave A reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *



CSIR-AMPRI की वैज्ञानिक डॉ. सारिका वर्मा
न्यूज़

CSIR-AMPRI की वैज्ञानिक डॉ. सारिका वर्मा , ने बनाई रेडिएशन प्रोटेक्शन टाइल्स

सीएसआईआर एएमपीआरआई की वैज्ञानिक डॉ सारिका वर्मा ने इंडस्ट्रियल वेस्ट से रेडिएशन शील्डिंग टाइल्स विकसित की हैं जो मेडिकल...

सतना की स्नेहा गुप्ता : NASA मिशन से
न्यूज़

सतना की स्नेहा गुप्ता : NASA मिशन से , Nasdaq Tower तक बनाई ग्लोबल पहचान

छोटे शहर से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंची सतना की युवा टेक प्रोफेशनल

ऑटो ड्राइवर की बेटी रीना यादव का WMPL में
न्यूज़

ऑटो ड्राइवर की बेटी रीना यादव का WMPL में , चयन, भोपाल बुल्स ने दिया मौका

शहडोल की बेटी रीना यादव क्रिकेट में कर रहीं कमाल, WMPL में भोपाल बुल्स टीम में मिली जगह

ग्वालियर की अनुष्का शर्मा संभालेंगी
न्यूज़

ग्वालियर की अनुष्का शर्मा संभालेंगी , टीम इंडिया-ए की कमान

इंग्लैंड दौरे के लिए मिली बड़ी जिम्मेदारी, उनके दमदार घरेलू प्रदर्शन और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीनियर टीम में डेब्यू के...

मांजरोद कला : जहां पूरी पंचायत महिलाओं के हाथों में
न्यूज़

मांजरोद कला : जहां पूरी पंचायत महिलाओं के हाथों में

बुरहानपुर की ग्राम पंचायत मांजरोद कला में पंचों से लेकर सरपंच सभी महिलाएं. विकास की नई इबारत लिख रही पंचायत.