पलक शर्मा

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पलक

पलक शर्मा

Pankajksharma1501@gmail.com

2026-04-11 04:47:18

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जन्म दिनांक :  14 सितम्बर, जन्म स्थान : प्रतापगढ़ (राज.)

 

माता : श्रीमती भाग्यश्री शर्मा, पिता : श्री पंकज शर्मा  

 

शिक्षा : बीएससी (प्रथम वर्ष)

 

व्यवसाय : गोताखोर

 

करियर यात्रा/ जीवन यात्रा : साधारण परिवार से असाधारण सफ़र की शुरुआत करने वाली पलक ने बहुत कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा लिया। मात्र 15 वर्ष की उम्र में वे गोताखोरी और घुड़सवारी दोनों खेलों में देश को स्वर्णिम सफलता दिला चुकी हैं। पलक के परिवार में खेल की कोई पृष्ठभूमि नहीं थी। लेकिन जब उन्होंने केवल 8 साल की उम्र में पहली बार स्विमिंग पूल में छलांग लगाई, तभी उनके माता-पिता को एहसास हो गया कि यह बच्ची सामान्य नहीं, बल्कि कुछ खास है। महज 12 वर्ष की उम्र में पलक ने पहली बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतकर सभी को चौंका दिया। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार सफलता की नई ऊँचाइयाँ छूती गईं।

गोताखोरी में देश को गौरव दिलाने के बाद पलक ने घुड़सवारी में भी अपने उत्कृष्ट कौशल का प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश राइडिंग क्लब द्वारा आयोजित चैम्पियनशिप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। आज पलक न केवल ‘गोल्डन गर्ल ऑफ डाइविंग’ के नाम से जानी जाती हैं, बल्कि एक मल्टी-टैलेंटेड एथलीट के रूप में भी अपनी पहचान बना चुकी हैं। अब उनका अगला लक्ष्य 2028 ओलंपिक है, जहाँ वे भारत के लिए गोताखोरी में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करना चाहती हैं।

 

उपलब्धियां/पुरस्कार

• केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित, डॉ. मोहन यादव (मुख्यमंत्री), शिवराज सिंह चौहान (तत्कालीन मुख्यमंत्री), वीडी शर्मा (तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष), शंकर लालवानी (सांसद) जगदीश डाबर (डीसीपी, इंदौर),  राकेश गुप्ता (पूर्व पुलिस कमिश्नर) सहित देश के अनेक प्रतिष्ठित मंचों पर सम्मानित

• बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रांड एंबेसडर

 

प्रमुख सम्मान एवं उपलब्धियां

• Asian Age Group Championships 2019 - 1 स्वर्ण पदक एवं 2 रजत पदक

• मालवा पुरस्कार (2019)

• प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (2021)

• एकलव्य पुरस्कार (2022)

• 38वीं राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता 2025 - हाई बोर्ड एवं 1 मीटर डाइविंग में स्वर्ण, – 3 मीटर डाइविंग में रजत

• Singapore International Aquatic Championships - अंडर-19 कैटेगरी में 3 स्वर्ण, सीनियर कैटेगरी में 1 रजत एवं 1 कांस्य

 

अन्य जानकारी : पलक की सफलता की कहानी में उनके कोच रमेश व्यास की अहम भूमिका रही है। व्यास स्वयं विश्वामित्र पुरस्कार से सम्मानित कोच हैं। उन्होंने पलक को न केवल गोताखोरी की तकनीकें सिखाईं, बल्कि मानसिक मजबूती, अनुशासन और लक्ष्य पर केंद्रित रहना भी सिखाया। 

पलक का दिन सूर्योदय से पहले शुरू होता है। वे सुबह और शाम मिलाकर प्रतिदिन लगभग 8 घंटे की कड़ी प्रैक्टिस करती हैं, जो उनके समर्पण और मेहनत को दर्शाता है। 
कोविड महामारी के दौरान जब सभी स्विमिंग पूल बंद हो गए थे, तब भी पलक ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने घर की छत पर गद्दे बिछाकर गोताखोरी की ड्राई प्रैक्टिस शुरू की। इसके साथ ही उन्होंने रोजाना लगभग डेढ़ घंटे की नॉन-स्टॉप रनिंग, जंपिंग और फ्लेक्सिबिलिटी वर्कआउट किया।

 

विदेश यात्रा : चीन, इंडोनेशिया, फिलीपींस, कतर, सिंगापुर

 

रुचियाँ : गोताखोरी, नृत्य, घुड़सवारी, किताबें पढ़ना