कलामंडलम कविता शाजी

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कलामंडलम

कलामंडलम कविता शाजी

kavithashaji2805@gmail.com

2026-03-26 10:02:35

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जन्म  दिनांक  : 28 मई, जन्म स्थान : केरल

 

माता : श्रीमती राधामणि अम्मा,  पिता : श्री गोपीनाथन पिल्लई

 

जीवन साथी : शाजी एम, संतान संख्या :  पुत्र: 02

 

शिक्षा : एम.ए. भरतनाट्यम (मद्रास विश्वविद्यालय), केरल कलामंडलम, त्रिशूर से मोहिनीअट्टम, भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी में विधिवत प्रशिक्षण/गुरु कलामंडलम लीला अम्मा एवं कलाश्री सुनंदा नायर से विशेष प्रशिक्षण.

 

व्यवसाय : शास्त्रीय नृत्य कलाकार एवं शिक्षिका/प्रशिक्षक-नाट्यश्री नृत्य अकादमी- भोपाल/सह-निदेशक- श्रीलयम् नाट्यश्री कलासमिति.

 

करियर यात्रा / जीवन यात्रा : कविता शाजी ने मात्र छह वर्ष की आयु में नृत्य की शिक्षा प्रारंभ की. बाल्यावस्था से ही कला के प्रति उनके समर्पण और अनुशासन ने उनके व्यक्तित्व को विशिष्ट दिशा प्रदान की. उन्होंने श्री नटेशन मास्टर के मार्गदर्शन में भरतनाट्यम की प्रारंभिक एवं सुदृढ़ शिक्षा प्राप्त की. तेरह वर्ष की आयु में उन्होंने प्रतिष्ठित केरल कलामंडलम में प्रवेश लिया, जहाँ उन्होंने मोहिनीअट्टम, भरतनाट्यम एवं कुचिपुड़ी में गहन एवं विधिवत प्रशिक्षण प्राप्त किया

विगत दो दशकों से वे भोपाल में निवास करते हुए भारतीय शास्त्रीय नृत्य के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रही है. वर्ष 2000 से विवाह उपरांत वे अपने पति द्वारा स्थापित नाट्यश्री कलासमिति से जुड़ीं और तब से निरंतर संस्था के माध्यम से शास्त्रीय नृत्य शिक्षा का विस्तार कर रही हैं.

आज वे प्रतिवर्ष सैकड़ों विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर रही हैं तथा अनेक शिष्यों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान कर चुकी है. उन्होंने देश-विदेश के प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दी है. साथ ही कार्यशालाओं, व्याख्यान-प्रदर्शनों एवं विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा से जोड़ने हेतु प्रयासरत हैं.

 

मंचीय प्रस्तुतियां: उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर कई प्रतिष्ठित मंचों की शोभा बढ़ाई है और महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में प्रस्तुति दी है, जिसमें प्रमुख हैं

• उज्जैन-सिंहस्थ महोत्सव (2016)

• त्रिवेणी संग्रहालय-उज्जैन- महाशिवरात्रि महोत्सव/ सूर्य महोत्सव (2018)

• जी-20 शेरपा मीट- उदयपुर,  जी-20 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, जी-20 प्रवासी भारतीय दिवस और विश्व हिन्दी दिवस, भोपाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में प्रस्तुति

• अंतरराष्ट्रीय कला और साहित्य महोत्सव/मध्य प्रदेश स्थापना दिवस (2014, 2015, 2016, 2021,2022. 2025)

• दीपोत्सव- अयोध्या (2024/25)

• महाकुंभ-प्रयागराज (2025)

• भावानुभाव-भारत भवन, भोपाल (अगस्त, 2024)

•  संगीत नाटक अकादमी दिल्ली द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय  नृत्य महोत्सव में ‘सर्वेशम भारतम’ पर प्रस्तुति (अक्टूबर, 2024) सहित एकात्म धाम लोकार्पण-ओंकारेश्वर, आध्यात्मिक दिव्य समारोह- हरिद्वार उत्तराखंड आदि स्थानों पर प्रस्तुतियां.

 

अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुति

 यूनाइटेड किंगडम (UK) – भारत की 70वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पर प्रस्तुति

• यूएई एवं मलेशिया में भारतीय शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियाँ

• अंतरराष्ट्रीय नृत्य महोत्सवों में सहभागिता

 

उपलब्धियां/पुरस्कार

 ऑल इंडिया डांस एसोसिएशन भिलाई द्वारा नटवर गोपीकृष्ण नेशनल अवार्ड (2017) / नृत्य आचार्य सुरभि अवार्ड (2024)

•  कला मंदिर भोपाल द्वारा नृत्य कला रत्न सम्मान (2018)

• नृत्यति कला क्षेत्रम भिलाई द्वारा नृत्य विलासिनी अवार्ड (2018)

 

विदेश यात्रा :  यूनाइटेड किंगडम (UK), संयुक्त अरब अमीरात (UAE) एवं मलेशिया

 

रुचियाँ : शास्त्रीय नृत्य, अध्यापन एवं गुरु-शिष्य परंपरा, भारतीय संस्कृति का संवर्धन

 

अन्य जानकारी : 22 वर्षों से अधिक के समर्पित शिक्षण अनुभव के साथ, हज़ारों विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विधिवत शिक्षा प्रदान.

अनेक शिष्य राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित.

वर्ष 2025 में खजुराहो नृत्य समारोह की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित नेपथ्य श्रृंखला में भरतनाट्यम, मोहिनीअट्टम एवं कुचिपुड़ी का प्रतिनिधित्व.

1999 में स्थापित ‘श्रीलयम् नाट्यश्री कलासमिति’ भोपाल की एकमात्र नृत्य संस्था है जो अपने विद्यार्थियों को भरतनाट्यम, मोहिनीअट्टम और कुचिपुड़ी इन तीनों प्रमुख शास्त्रीय नृत्य शैलियों की व्यवस्थित शिक्षा प्रदान करती है. नाट्यश्री के शिक्षार्थियों ने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रस्तुतियां दी है.