बायोसाइंसेज में स्नातक अनुसंधान के लिए भोपाल

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बायोसाइंसेज में स्नातक अनुसंधान के लिए भोपाल
की यज्ञा  करेंगी राष्ट्रीय सम्मेलन का नेतृत्व

छाया : ईटीवी भारत

भोपाल। आंध्रप्रदेश के तिरुपति स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस एंड रिसर्च (IISER) में 16 और 17 दिसंबर को जीव विज्ञान पर आयोजित होने वाले बायोसाइंसेज राष्ट्रीय सम्मेलन का नेतृत्व भोपाल की यज्ञा पुरोहित (yagya purohit) कर रही हैं।  बायोसाइंसेज में अंडर ग्रेजुएट और ग्रेजुएट स्टूडेंट (स्नातक और स्नातक की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी) हिस्सा लेंगे। इसमें देशभर से 200 से अधिक युवा विज्ञानी दो दिन तक बायो साइंस के संबंध में मंथन करेंगे। इस दौरान शोधपत्र भी प्रस्तुत किए जाएंगे। ख़ास बात यह है कि स्नातक कर रहे जीव विज्ञान के स्टूडेंट्स को इस तरह के सम्मेलन में पहली बार अपना हुनर दिखाने और अपने नए विचारों को प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

विद्यार्थी साझा करेंगे अपने विचार 

आईआईएसईआर (IISER ) तिरुपति (tirupati) में पढ़ने वाली जीव विज्ञान की छात्रा यज्ञा पुरोहित ने बताया "अभी देश में केवल पीएचडी और प्रोफेसर स्तर पर ही ऐसे सेमिनार का आयोजन होता था। फैकल्टी भी अंडर ग्रेजुएट छात्रों को रिसर्च (शोध) के क्षेत्र में बढ़ावा देने पर ध्यान नहीं देती हैं। यदि अंडर ग्रेजुएट स्टूडेंट इसमें शामिल भी होते हैं, तो उसे इसे कनेक्ट नहीं कर पाते। उनमें नॉलेज की कमी होती है और अपने विचार साझा (आइडियाज शेयर) करने से झिझकते हैं। ऐसे अंडर ग्रेजुएट स्टूडेंट के लिए आयसर तिरुपति में पहले जीव विज्ञान के राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।"

यज्ञा ने बताया कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित 7 इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ सांइस एंड रिसर्च के स्टूडेंट हिस्सा लेंगे। इसमें अब तक 200 से अधिक स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। 6 नवंबर तक इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इस राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 16 और 17 दिसंबर को तिरुपति आयसर में आयोजित किया जाएगा।

नई पीढ़ी को मौका मिलेगा

यज्ञा ने बताया "बायोसाइंसेज में स्नातक अनुसंधान के लिए यह भारत का पहला राष्ट्रीय सम्मेलन है। इसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में छात्रों और विशेषज्ञों को एकजुट करना, नए दृष्टिकोण को प्रोत्साहित कर सहयोग को बढ़ावा देना है।" यह पहल शिक्षा जगत में यंग जनरेशन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह एक ऐसा मंच है, जो देशभर के शोधकर्ताओं को एकजुट करता है।

संदर्भ स्रोत : ईटीवी भारत

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