कर्नाटक हाईकोर्ट : महिला पर भी दर्ज

blog-img

कर्नाटक हाईकोर्ट : महिला पर भी दर्ज
हो सकता है पॉक्सो एक्ट के तहत केस

POCSO एक्ट को लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। अदालत ने कहा है कि यह कानून जेंडर न्यूट्रल है और इसके तहत एक महिला पर भी आरोप लगाए जा सकते हैं। अदालत एक अधेड़ महिला की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसपर 13 साल के बच्चे के साथ साल 2020 में शारीरिक संबंध बनाने के आरोप लगे हैं। कोर्ट ने आरोपी महिला की याचिका को खारिज कर दिया है।

अदालत ने इस तर्क को मानने से इनकार कर दिया कि यौन हिंसा या बलात्कार के आरोप एक महिला पर नहीं लग सकते। कोर्ट ने कहा है कि पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 यह साफ बताते हैं कि जो भी, 'एक नाबालिग को पेनेट्रेटिव या अन्य यौन गतिविधियां करने के लिए मजबूर करता है, तो वह अपराधी है।' कोर्ट ने कहा है कि प्रावधान की भाषा साफ करती है कि इसमें सभी शामिल हैं।

क्या था मामला

घटना साल 2020 की हैं। तब आरोपी महिला अर्चना की उम्र 48 और पीड़ित लड़के की उम्र करीब 13 साल थी। लड़के के पड़ोस में रहने वाली आरोपी महिला उसकी मां के जरिए नाबालिग के संपर्क में आई थी। पीड़ित की मां उसे पड़ोसी महिला के घर पर भेजती थी, ताकि वह इंस्टाग्राम पर उसकी पेंटिंग्स पोस्ट करने में मदद कर सके। खबर है कि आरोपी महिला ने ही इसके लिए रिक्वेस्ट की थी। 

आरोपी ने मई और जून में दो मौकों पर बच्चे को संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। इस घटना से आहत बच्चे ने घर पर तुरंत जानकारी नहीं थी और साल 2024 में इसका खुलासा किया। खास बात है कि 2020 में ही नाबालिग का पूरा परिवार दुबई शिफ्ट हो गया था। पीड़ित ने दुबई में एक थैरेपिस्ट को बताया और बाद में शिकायत दर्ज कराई गई। 

बयान देने के समय पीड़ित की उम्र 17 वर्ष थी। खबर है कि आरोपी महिला ने बच्चे को डराया था कि इसके बारे में किसी को भी ना बताए, क्योंकि इससे दोनों मुश्किल में फंस जाएंगे। कहा जा रहा है कि आरोपी महिला का पति और बेटी विदेश में रहते हैं। 

सन्दर्भ स्रोत : विभिन्न वेबसाइट

Comments

Leave A reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *



दिल्ली हाईकोर्ट :  पत्नी से परिवार की
अदालती फैसले

दिल्ली हाईकोर्ट :  पत्नी से परिवार की , देखभाल करने को कहना अपराध नहीं

यह मामला उस शिकायत से जुड़ा था जिसमें पत्नी ने पति और ससुराल वालों के खिलाफ धारा 498A IPC, धारा 406 IPC और घरेलू हिंसा अ...

इलाहाबाद हाईकोर्ट : पत्नी के पास अलग रहने
अदालती फैसले

इलाहाबाद हाईकोर्ट : पत्नी के पास अलग रहने , के पर्याप्त कारण, तो गुजारा-भत्ता की हकदार

कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि पति और पत्नी के बीच लंबे समय से मुकदमेबाजी चल रही है, जिसमें दहेज उत्पीड़न...

मप्र हाईकोर्ट : 13 साल का रिश्ता है, इसलिए रेप असंभव
अदालती फैसले

मप्र हाईकोर्ट : 13 साल का रिश्ता है, इसलिए रेप असंभव

हाईकोर्ट ने 'आपसी सहमति' बताकर रद्द की लेफ्टिनेंट कर्नल पर हुई FIR

कलकत्ता हाईकोर्ट : पति की नौकरी खतरे में डालना भी क्रूरता
अदालती फैसले

कलकत्ता हाईकोर्ट : पति की नौकरी खतरे में डालना भी क्रूरता

सीआईएसएफ जवान मामले में कोर्ट ने पत्नी के दावे विरोधाभासी पाए

मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार की अर्जी
अदालती फैसले

मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार की अर्जी , पर सुप्रीम कोर्ट  : बराबरी का एक रास्ता UCC भी

CJI ने चिंता जताते हुए कहा कि सुधार की जल्दबाज़ी में कहीं ऐसा न हो कि हम मुस्लिम महिलाओं को मौजूदा अधिकारों से भी वंचित...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट  : आदिवासी भी हिंदू मैरिज एक्ट के दायरे में
अदालती फैसले

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट  : आदिवासी भी हिंदू मैरिज एक्ट के दायरे में

हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के एक फैसले को रद्द कर दिया और एक आदिवासी समुदाय के व्यक्ति के साथ अनुसूचित जाति की महिला के तल...