ग्वालियर। ब्लड शुगर यानी डायबिटीज आज एक वैश्विक स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। भारत में ही करीब 10 करोड़ से अधिक लोग मधुमेह से पीड़ित हैं। अब तक डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए एलोपैथिक दवाओं, इंसुलिन और जीवनशैली में बदलाव को ही प्रमुख उपाय माना जाता रहा है। इसी बीच ग्वालियर की जीवाजी विश्वविद्यालय की गेस्ट फैकल्टी डॉ. रुपाली दत्त ने डायबिटीज नियंत्रण के लिए एक हर्बल ड्रिंक विकसित करने का दावा किया है, जो प्राकृतिक तरीके से ब्लड शुगर को कम करने में कारगर साबित हुई है।
डॉ. रुपाली जीवाजी विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में गेस्ट फैकल्टी हैं और सेंटर फॉर आयुर्वेदिक ट्रांसलेशनल रिसर्च फैसिलिटी में शोध कार्य कर रही हैं। करीब सात वर्षों के गहन शोध के बाद उन्होंने पपीते के पत्तों से तैयार एक फर्मेंटेड हर्बल ड्रिंक विकसित की है।
पपीते के पत्तों से तैयार किया उत्पाद
डॉ. रुपाली ने बताया कि यह हर्बल ड्रिंक पपीते के पत्तों को फर्मेंट करके तैयार की गई है। इसका ट्रायल जीवाजी विश्वविद्यालय में रजिस्टर्ड 500 डायबिटीज मरीजों में से चयनित 90 मरीजों पर किया गया। सभी मरीजों की सहमति से पहले उनका HbA1C टेस्ट कराया गया और फिर तीन महीने तक उन्हें यह हर्बल ड्रिंक सुबह-शाम खाली पेट दी गई। तीन महीने बाद दोबारा किए गए परीक्षण में सामने आया कि मरीजों के ब्लड शुगर लेवल में औसतन 21 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई। इसके साथ ही कई मरीजों में लिवर और किडनी से जुड़ी समस्याओं में भी सुधार देखा गया। शोध के दौरान यह भी पाया गया कि यह ड्रिंक ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मददगार साबित हुई है।
अन्य बीमारियों में भी फायदेमंद
डॉ. रुपाली के अनुसार यह एक लिक्विड फॉर्म में तैयार की गई दवा है, जिसे आसानी से स्टोर किया जा सकता है क्योंकि यह फर्मेंटेड प्रोडक्ट है और जल्दी खराब नहीं होती। डायबिटीज के अलावा यह अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में भी लाभकारी हो सकती है।
कराया पेटेंट, जल्द मरीजों को होगा उपलब्ध
हर्बल ड्रिंक के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए डॉ. दत्त ने इसके लिए नेशनल लेवल पर पेटेंट के लिए आवेदन किया था, जिसे ऑनलाइन पेटेंट मिल चुका है। फिलहाल वे इसके सर्टिफिकेशन का इंतजार कर रही हैं। पेटेंट प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस हर्बल ड्रिंक को बाजार में उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि डायबिटीज मरीजों को इसका लाभ मिल सके।
सन्दर्भ स्रोत/छाया : ईटीवी भारत
संपादन : मीडियाटिक डेस्क



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