भोपाल के यंगस्टर्स लिख रहे किताबें

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भोपाल के यंगस्टर्स लिख रहे किताबें

रॉलिंग, कोहेलो से प्रेरित, ऊर्जा की किताब में ऑफ्टर लाइफ; महक 5वीं से लिख रहीं पोएट्री

भोपाल। राइटर या ऑथर शब्द सुनते ही हमें एक 40 प्लस ऐज का व्यक्ति नजर आने लगता है, लेकिन आज की यंग जनरेशन तेजी से इस इमेज को तोड़कर नए कीर्तिमान गढ़ रही है। अंडर-30 ऐज में यंगस्टर्स किताबें लिख रहे हैं, किरदार गढ़ रहे हैं और फिक्शन की दुनिया की सैर करा रहे हैं। ऐसे ही शहर के यंग ऑथर्स से हमने जाना, उनके टर्निंग प्वाइंट के बारे में...

• ऊर्जा अकलेचा, 'थाउजेंट फीट्स अबव'

मुझे दूसरी दुनिया में काफी इंट्रेस्ट है...
एसपीएस में 12वीं क्लास की ऊर्जा अकलेचा की फिक्शन नॉवल थाउजेंट फीट्स अबव रिलीज हुई। ऊर्जा ने बताया, किताब लिखने की शुरुआत 2019 में की। मुझे दूसरी दुनिया में काफी इंट्रेस्ट है। मैं अक्सर इमेजिन करती थी कि हेल और हैवेन कैसा होता होगा। बस, अपने इन्हीं खयालों को किताबों में लिखने की कोशिश की। किताब मैंने टीनएजर्स के प्वाइंट ऑफ व्यू को ध्यान में रखकर लिखी है। यह ऐसी लड़की की स्टोरी है, जो कहानी की शुरुआत में ही मर जाती है और दूसरी दुनिया में पहुंच जाती है। वहां उसके पास कुछ पावर्स भी हैं। वहां उसकी ग्रेट ग्रैंडमदर ही विलेन हैं। अब मैं दूसरे पार्ट पर काम कर रही हूं।

इन किताबों ने किया इंस्पायर- रिक रिऑर्डन की प्रेसी जैक्सन एंड हीरोज ऑफ ओलंपस से मैंने सिंपल राइटिंग सीखी। जेके रॉलिंग की हैरी पॉटर पढ़कर मेरा इमेजिनेशन मजबूत हुआ। जॉन ग्रीन की लुकिंग फॉर अलास्का से मैंने थ्योरी ऑफ डॉग समझी।

• महक चौधरी 'शी पोएट्री बुक'

यह किताब मैं दादी को डेडिकेट करती हूं...
18 साल की महक इन दिनों यूके से लॉ की पढ़ाई कर रही हैं। इनकी पहली पोएट्री बुक शी मार्केट में आ चुकी है। इसमें उन्होंने 86 कविताओं के माध्यम से एक टीनएज लड़की की लाइफ को दिखाने की कोशिश की है। वह किन चीजों पर इमोशनल हो जाती है, किनसे अटैचमेंट फील करती है, क्या चीजें हैं जो उसे डराती हैं, जैसे टॉपिक्स को कविताओं में पिरोया है। महक कहती हैं कि मैं 5वीं क्लास से ही पोएट्रीज लिखती थी, पैंडेमिक टाइम आया तो अपनी कविताओं को एक दिशा देने का समय मिला। यह किताब मैं अपनी दादी को डेडिकेट करती हूं।

इन किताबों ने किया इंस्पायर-  पोएट एक्स - एलिजाबेथ एसुवेडो {द जहीर - पॉउलो कोहेलो {क्लैप व्हेन यू लैंड - एलिजाबेथ एसुवेडो

 

• मृणालिनी पांडे 'एरिक सीगल की लव स्टोरी का हिंदी ट्रांसलेशन'

अभी डहल्स की मटिल्डा के ट्रांसलेशन पर काम कर रही हूं
29 साल की यंग ऑथर मृणालिनी पांडे ने हाल ही में एरिक सीगल की किताब लव स्टोरी का हिंदी ट्रांसलेशन किया। इन दिनों रोल्ड डहल्स की मटिल्डा के ट्रांसलेशन पर काम कर रही हूं। मृणालिनी बताती हैं- मैंने दिल्ली की एक बड़ी यूनिवर्सिटी में डेंटल की पढ़ाई के लिए एडमिशन ले लिया था, लेकिन मेरा मन नहीं लगा। भोपाल लौटी तो खुद को इंगेज करने के लिए मंजुल पब्लिकेशन जाने लगी, धीरे-धीरे ट्रांसलेशन में इंट्रेस्ट आने लगा, इसकी टेक्नीक समझी। अब हिंदी-अंग्रेजी अनुवाद में खुद को ज्यादा बेहतर पाती हूं तो पहली किताब पर काम किया।

इन किताबों ने किया इंस्पायर- द काउंट ऑफ मॉन्टे क्रिस्टो ने मुझे स्कूल एज में इंस्पायर किया। {दिनकर की रश्मिरथी ने पोएट्रीज से जोड़ने का काम किया। {थॉमस हार्डी की जज द ऑब्सक्यूर ने कहानियों में इंट्रेस्ट बढ़ाया।

साभार - दैनिक भास्कर 

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