मंजुला भूतड़

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मंजुला

मंजुला भूतड़

manjulabhootra@gmail.com

2026-03-10 09:16:53

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जन्म : 22 जुलाई, जन्म स्थान : इन्दौर

 

माता : स्व श्रीमती रामकुंवर देवी चांडक, पिता : स्व श्री गोपीकृष्ण चांडक 

 

जीवन साथी :  श्री कैलाश भूतड़ा, सन्तान : पुत्र -02, पुत्री-01 

 

शिक्षा : कला स्नातक

 

व्यवसाय : लेखिका एवं सामाजिक कार्यकर्ता 

 

करियर यात्रा :  लगभग 1985 से सतत लेखन रचनात्मक जीवन का महत्वपूर्ण अध्याय रहा है. छात्र जीवन से ही भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में सक्रिय सहभागिता रही तथा अनेक बार विजेता बनने का अवसर मिला. इसी अभ्यास ने लेखन कौशल को सुदृढ़ किया और सार्वजनिक मंचों पर प्रभावी अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित की.

लेखन एवं संपादन कार्य - सामाजिक एवं साहित्यिक विषयों पर निरंतर लेखन, विभिन्न पुस्तकों, पत्र-पत्रिकाओं और स्मारिकाओं का संपादन, अनेक साहित्यिक संस्थाओं में सक्रिय रचनात्मक सहभागिता, काव्य गोष्ठियों एवं साहित्यिक आयोजनों में नियमित उपस्थिति.

लेखन को सदैव सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ा विशेष रूप से देहदान, नेत्रदान और अंगदान जैसे मानवीय अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई गई. प्रेरक स्लोगन - “कहीं भी सुनें मौत की ध्वनि, कोशिश करें, मृतक बने नेत्रदानी के माध्यम से समाज में जागरूकता का संदेश देती हैं.

वर्ष 2016 से 2019 तक इंदौर लेखिका संघ के अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान सामाजिक विषयों को प्राथमिकता दी. इसी अवधि में ‘अंगदान महादान’ पुस्तक का प्रकाशन कराया, जिसका उद्देश्य अंगदान के महत्व को जन-जन तक पहुँचाना था.

विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अंगदान विषय पर व्याख्यान दिए तथा संस्था के पुस्तकालय के लिए संबंधित उपयोगी पुस्तकें उपलब्ध कराई गईं. साहित्य, समाजसेवा और जन-जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय. 

 

उपलब्धियां/सम्मान

राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक समाचार पत्रों तथा सामाजिक पत्रिकाओं में आलेख, ललित निबंध, कविताएं,व्यंग्य, लघुकथाएं संस्मरण आदि प्रकाशित.

 

प्रकाशन 

काव्य संग्रह: अक्षरों का तानाबाना, लघुकथा संग्रह : सागर सीपी

अनेक साझा काव्य एवं लघुकथा संकलनों में रचनाएँ प्रकाशित

 

प्रसारण एवं मंचीय सक्रियता

• आकाशवाणी इंदौर से अनेक बार काव्य एवं साहित्यिक कार्यक्रमों का प्रसारण 

•  एक बार दूरदर्शन पर भी प्रस्तुति 

•  विभिन्न सांस्कृतिक एवं साहित्यिक आयोजनों में उद्घोषिका के रूप में सक्रिय सहभागिता

•  कई बार अमेरिका प्रवास के दौरान काव्य-पाठ के अवसर प्राप्त

विशेष सम्मान एवं प्रशंसा 

•  सामाजिक जागरूकता पर आधारित पुस्तक ‘अंगदान महादान’ के प्रकाशन हेतु राष्ट्र स्तर पर सराहना प्राप्त हुई.जिसमें प्रधानमंत्री कार्यालय से एवं तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा द्वारा प्रशंसा-पत्र प्राप्त हुए.

 

सम्मान

•  जेएमडी पब्लिकेशन दिल्ली द्वारा श्रेष्ठ काव्य संगम सम्मान (2013)

•  शासकीय अहिल्या केंद्रीय पुस्तकालय, इन्दौर द्वारा कुसुम कृति सम्मान (2014)

•  अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन, जमशेदपुर द्वारा ‘नेत्रदान' निबंध के लिए पुरस्कार (2014)

•  पत्रलेखन प्रतियोगिता के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तृतीय पुरस्कार (साहित्य सागर और साहित्य फीनिक्स का संयुक्त आयोजन- भोपाल, 2017)

•  मुक्तांगन संस्था दिल्ली द्वारा अंगदान/ देहदान/नेत्रदान विषय पर लिखी गई कविता  'थोड़ा-सा यहीं रह जाओ'  के लिए पुरस्कार (2018)

•  तूलिका लेखन सम्मान- इन्दौर (2019)

•  अखिल भारतीय माहेश्वरी महिला संगठन इंदौर द्वारा"साहित्य सेवा सम्मा(2019)

•  अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन- बोकारो, झारखंड  साहित्य के लिए प्रान्तीय सम्मान  (2002) 

 

अन्य जानकारी

रचनाकर्म एवं साहित्यिक विधाएँ 

•  साहित्य सृजन कविता, आलेख, ललित निबंध, लघुकथा, संस्मरण, व्यंग्य, नाटक लेखन एवं मंचन आदि विविध विधाओं में

•  लेखन के प्रमुख विषयों में समसामयिक, सृजनात्मक तथा सामाजिक जागरूकता से जुड़े मुद्दे विशेष रूप से शामिल

•  इंदौर लेखिका संघ की संस्थापक सदस्य एवं निवृत्तमान अध्यक्ष के रूप में संगठनात्मक नेतृत्व भी किया. साथ ही अनेक सामाजिक एवं साहित्यिक संस्थाओं में सक्रिय सदस्य के रूप में निरंतर सहभागिता रही

• सामाजिक रूढ़ियों को समाप्त करने की दिशा में व्यक्तिगत एवं पारिवारिक स्तर से पहल की गई. मृत्यु भोज एवं दहेज प्रथा के बहिष्कार की शुरुआत अपने घर से की. आवश्यकता पड़ने पर जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर

•  मारवाड़ी महिला संगठन के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों की स्कूल फीस में सहयोग तथा एकल विद्यालय संचालन हेतु वार्षिक अनुदान

•  इसके अतिरिक्त दिव्यांगजनों के उत्थान संबंधी कार्यों में सक्रिय सहभागिता, नेत्रदान के प्रति जन-जागरूकता अभियान में निरंतर प्रयास

 

विदेश यात्रा : अमेरिका, आस्ट्रेलिया,न्यूजीलैंड, बैंकाक, थाईलैंड, सिंगापुर चीन आदि